नयी दिल्ली, 11 मई (भाषा) पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनियां एहतियाती प्रबंधन उपाय अपना रही हैं, जिनमें ‘वर्क फ्रॉम होम’ (डब्ल्यूएफएच) और हाइब्रिड व्यवस्था को बढ़ावा देना शामिल है। उद्योग संगठन नैसकॉम ने सोमवार को यह जानकारी दी।
आईटी कंपनियों के संगठन नैसकॉम ने बयान में कहा कि प्रौद्योगिकी क्षेत्र पहले से ही हाइब्रिड मॉडल (घर एवं दफ्तर से काम की मिली-जुली व्यवस्था) के तहत काम करता रहा है और कंपनियां कर्मचारियों के पद से जुड़ी जरूरतों और ग्राहकों की मांग के आधार पर ‘घर से काम’ और दफ्तर से काम के बीच संतुलन बना रही हैं।
संगठन ने कहा, “पश्चिम एशिया में जारी तनाव को देखते हुए कंपनियों ने अपने परिसरों में ऊर्जा प्रबंधन के विवेकपूर्ण उपाय अपनाए हैं। इसमें गैर-जरूरी खपत को कम करना, कुछ सुविधाओं को युक्तिसंगत बनाना और संभव होने पर दूरस्थ या हाइब्रिड कार्य व्यवस्था को सक्षम बनाना शामिल है, ताकि कुल ऊर्जा उपयोग और आवागमन को कम किया जा सके।”
नैसकॉम ने मौजूदा भू-राजनीतिक परिदृश्य को ‘लगातार विकसित होती स्थिति’ बताते हुए कहा कि वह घटनाक्रम पर करीबी नजर रखे हुए है तथा उद्योग हितधारकों और सरकारी अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है, ताकि इस स्थिति का ‘समन्वित और जिम्मेदार’ तरीके से सामना किया जा सके।
करीब 3,500 कंपनियों का संगठन नैसकॉम भारत के लगभग 315 अरब डॉलर के प्रौद्योगिकी उद्योग का प्रतिनिधित्व करता है।
नैसकॉम का यह बयान ऐसे समय आया है जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक दिन पहले नागरिकों से पश्चिम एशिया संकट से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोग करने का आह्वान किया था।
मोदी ने हैदराबाद में एक रैली को संबोधित करते हुए विदेशी मुद्रा की बचत के लिए पेट्रोल-डीजल के विवेकपूर्ण उपयोग, मेट्रो सेवाओं का इस्तेमाल, कार पूलिंग, इलेक्ट्रिक वाहनों के अधिक उपयोग, पार्सल भेजने के लिए रेलवे सेवाओं का इस्तेमाल और ‘वर्क फ्रॉम होम’ अपनाने जैसे उपाय सुझाए थे।
भाषा प्रेम अजय
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