पश्चिम बंगाल ने राजस्व व्यय की वृद्धि पर लगाया अंकुश, पूंजीगत खर्च में आई गिरावट: रिपोर्ट

पश्चिम बंगाल ने राजस्व व्यय की वृद्धि पर लगाया अंकुश, पूंजीगत खर्च में आई गिरावट: रिपोर्ट

पश्चिम बंगाल ने राजस्व व्यय की वृद्धि पर लगाया अंकुश, पूंजीगत खर्च में आई गिरावट: रिपोर्ट
Modified Date: January 24, 2026 / 07:00 pm IST
Published Date: January 24, 2026 7:00 pm IST

कोलकाता, 24 जनवरी (भाषा) पश्चिम बंगाल सरकार चालू वित्त वर्ष 2025-26 के पहले आठ महीनों में अपने राजस्व व्यय की वृद्धि को नियंत्रित रखने में सफल रही है। ‘केयरएज रेटिंग्स’ की राज्यों की वित्तीय स्थिति पर जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, जहां कई राज्य खर्च के बढ़ते दबाव का सामना कर रहे हैं, वहीं अप्रैल-नवंबर की अवधि में पश्चिम बंगाल का राजस्व व्यय सालाना आधार पर केवल 3.8 प्रतिशत बढ़ा। यह पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में दर्ज की गई 16.1 प्रतिशत की वृद्धि के मुकाबले काफी कम है।

एजेंसी के विश्लेषण के मुताबिक, आलोच्य 22 राज्यों के कुल राजस्व व्यय में पश्चिम बंगाल की हिस्सेदारी 6.2 प्रतिशत रही, जो राज्य के संतुलित खर्च को दर्शाती है।

रिपोर्ट में पश्चिम बंगाल को उन राज्यों की श्रेणी में नहीं रखा गया है जिनकी राजकोषीय स्थिति चिंताजनक है। इसके विपरीत आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, केरल और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों ने इस अवधि के दौरान अपने बजटीय राजकोषीय घाटे का एक बड़ा हिस्सा पहले ही खर्च कर दिया है।

हालांकि, रिपोर्ट में पूंजीगत व्यय के मोर्चे पर कमजोरी की ओर भी संकेत किया गया है। अप्रैल-नवंबर के दौरान पश्चिम बंगाल के पूंजीगत खर्च में सालाना आधार पर 35.1 प्रतिशत की गिरावट आई। पिछले साल इसी अवधि में यह गिरावट 13.0 प्रतिशत थी।

विश्लेषण किए गए 22 राज्यों के कुल पूंजीगत व्यय में पश्चिम बंगाल की हिस्सेदारी मात्र 2.1 प्रतिशत रही, जो इसे समग्र राज्य पूंजीगत व्यय में कम योगदान देने वाले राज्यों की सूची में रखता है।

भाषा सुमित पाण्डेय

पाण्डेय


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