फसल वर्ष 2025-26 में गेहूं का उत्पादन रिकॉर्ड 12.02 करोड़ टन रहने का अनुमान : मंत्रालय

फसल वर्ष 2025-26 में गेहूं का उत्पादन रिकॉर्ड 12.02 करोड़ टन रहने का अनुमान : मंत्रालय

फसल वर्ष 2025-26 में गेहूं का उत्पादन रिकॉर्ड 12.02 करोड़ टन रहने का अनुमान : मंत्रालय
Modified Date: March 10, 2026 / 07:11 pm IST
Published Date: March 10, 2026 7:11 pm IST

नयी दिल्ली, 10 मार्च (भाषा) फसल वर्ष 2025-26 में भारत का गेहूं उत्पादन रिकॉर्ड 12 करोड़ 2.1 लाख टन रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के 11 करोड़ 79.4 लाख टन से दो प्रतिशत अधिक है। सरकारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है।

गेहूं, जो एक प्रमुख रबी (गर्मी) की फसल है, की कटाई शुरू हो गई है और उम्मीद है कि आने वाले सप्ताहों में प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्यों में इसमें तेज़ी आएगी।

कृषि मंत्रालय ने अपने दूसरे अग्रिम अनुमान में बताया कि कुल रबी फसल उत्पादन वर्ष 2025-26 में 3.16 प्रतिशत बढ़कर 17 करोड़ 45.1 लाख टन होने का अनुमान है, जो एक साल पहले 16 करोड़ 91.6 लाख टन था।

दलहनों का उत्पादन वर्ष 2025-26 के रबी मौसम में सात प्रतिशत बढ़कर एक करोड़ 62.4 लाख टन होने का अनुमान है, जो एक साल पहले एक करोड़ 52.3 लाख टन था। ऐसा इसलिए है क्योंकि देश मांग और आपूर्ति के बीच के उस अंतर को कम करने की कोशिश कर रहा है जिसके कारण उसे आयात पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

चने का उत्पादन पिछले वर्ष के एक करोड़ 11.1 लाख टन के मुकाबले थोड़ा अधिक, एक करोड़ 17.9 लाख टन रहने का अनुमान है, जबकि मसूर का उत्पादन 16.5 लाख टन के मुकाबले 17.3 लाख टन रहने का अनुमान है।

हालांकि, उड़द का उत्पादन 5,53,000 टन से घटकर 5,08,000 टन और मूंग का उत्पादन 1,00,000 टन से घटकर 87,000 टन रहने का अनुमान है।

तिलहन फसलों में, रैपसीड-सरसों का उत्पादन एक करोड़ 33.3 लाख टन रहने का अनुमान है, जो एक साल पहले एक करोड़ 26.6 लाख टन था। मूंगफली का उत्पादन 6,78,000 टन के मुकाबले बढ़कर 7,97,000 टन होने का अनुमान है, जबकि सूरजमुखी के बीज का उत्पादन 1,21,000 टन से घटकर 1,04,000 टन रहने का अनुमान है। मक्का का उत्पादन एक करोड़ 47.5 लाख टन से बढ़कर एक करोड़ 59 लाख टन होने का अनुमान है, जबकि चावल का उत्पादन एक करोड़ 61.2 लाख टन के मुकाबले थोड़ा अधिक, यानी एक करोड़ 67.2 लाख टन होने का अनुमान है।

मोटे अनाजों का कुल उत्पादन दो करोड़ 13.4 लाख टन रहने का अनुमान है, जो एक साल पहले एक करोड़ 98.6 लाख टन था।

मंत्रालय ने आगे कहा कि रबी फ़सलों का उत्पादन औसत पैदावार पर आधारित है और बाद के अनुमानों में इसमें बदलाव हो सकता है।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय


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