देश के समुद्री क्षेत्र में 2020 से महिलाओं की भागीदारी 340 प्रतिशत बढ़ी : सोनोवाल
देश के समुद्री क्षेत्र में 2020 से महिलाओं की भागीदारी 340 प्रतिशत बढ़ी : सोनोवाल
नयी दिल्ली, सात मई (भाषा) केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा है कि भारत के समुद्री क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी 2020 से 340 प्रतिशत बढ़ी है। उन्होंने समावेशी और भविष्य के लिए तैयार समुद्री कार्यबल के निर्माण के लिए सरकार के प्रयासों का उल्लेख किया।
सोनोवाल ने बृहस्पतिवार को यहां 10वें हिंद महासागर संवाद को संबोधित करते हुए भारत के समुद्री विकास के स्तंभ के रूप में ‘नारी शक्ति’ का उल्लेख किया।
सोनोवाल ने कहा, ‘सागर में सम्मान’ जैसी पहल के माध्यम से, हम समुद्री क्षेत्र में महिलाओं के लिए गरिमा, समावेश और नेतृत्व के अवसरों को बढ़ावा दे रहे हैं। समुद्री क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी में 2020 से लगभग 340 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत एक सुरक्षित, संरक्षित और स्थिर हिंद महासागर क्षेत्र को आगे बढ़ाने के लिए सभी भागीदारों के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।
सोनोवाल ने कहा कि सुरक्षा, संपर्क और स्थिरता बढ़ाने के प्रयासों के साथ-साथ भारत की समुद्री रणनीति में ‘मानवीय तत्व’ केंद्रीय भूमिका निभाता है।
सोनोवाल ने कहा, ‘‘हिंद महासागर केवल एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि वैश्विक जीवन रेखा है।’’ उन्होंने कहा कि वैश्विक ऊर्जा प्रवाह, व्यापार और आपूर्ति श्रृंखलाओं में इसका महत्व मजबूत सहयोग, जुझारूपन और समावेश की मांग करता है।
वर्ष 2025-27 के लिए हिंद महासागर रिम एसोसिएशन (आईओआरए) के अध्यक्ष के रूप में भारत द्वारा आयोजित 10वें हिंद महासागर संवाद का विषय ‘‘बदलती दुनिया में हिंद महासागर क्षेत्र’ है।
यह मंच समुद्री सुरक्षा, पानी से जुड़ी अर्थव्यवस्था, आपदा जोखिम प्रबंधन और महिला सशक्तीकरण पर विचार-विमर्श करने के लिए मंत्रियों, नीति निर्माताओं, शिक्षाविदों और उद्योग जगत के लोगों को एक साथ लाता है।
भाषा अजय अजय रमण
रमण

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