एआई उपकरणों में महारत हासिल कर प्रौद्योगिकी की अगली लहर का नेतृत्व करें युवा: गूगल डीपमाइंड सीईओ

एआई उपकरणों में महारत हासिल कर प्रौद्योगिकी की अगली लहर का नेतृत्व करें युवा: गूगल डीपमाइंड सीईओ

एआई उपकरणों में महारत हासिल कर प्रौद्योगिकी की अगली लहर का नेतृत्व करें युवा: गूगल डीपमाइंड सीईओ
Modified Date: February 18, 2026 / 02:38 pm IST
Published Date: February 18, 2026 2:38 pm IST

नयी दिल्ली, 18 फरवरी (भाषा) गूगल डीपमाइंड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) डेमिस हसाबिस ने बुधवार को कहा कि यदि भारत के युवा कृत्रिम मेधा (एआई) के नए उपकरणों (टूल) को पूरी तरह अपनाते हैं और उनमें महारत हासिल करते हैं, तो वे इस प्रौद्योगिकी परिवर्तन के अगगुवा बनकर उभर सकते हैं।

‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ को संबोधित करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपनी पूरी क्षमता का उपयोग करने के लिए उभरती हुई एआई प्रौद्योगिकी के उपकरणों में दक्ष बनें।

संसाधनों की सीमित उपलब्धता के बावजूद प्रचुर प्रतिभा के बीच भारत की भूमिका पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में हसाबिस ने कहा कि वह देश में, विशेष रूप से एआई के प्रति भारतीय युवाओं के उत्साह और सकारात्मकता से ‘बेहद प्रभावित’ हैं।

भारत में एआई को लेकर व्यापक सकारात्म रुख दिखाने वाले सर्वेक्षणों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि यह खुलापन आने वाले दशक में एक निर्णायक लाभ साबित हो सकता है।

हसाबिस ने छात्रों को एआई उपकरणों में अत्यधिक कुशल होने की सलाह देते हुए कहा कि अगले 10 वर्षों में इस तरह के कौशल उन्हें व्यवसाय से लेकर विज्ञान तक के विभिन्न क्षेत्रों में ‘असाधारण क्षमता’ प्रदान करेंगे।

वर्तमान समय की तुलना कंप्यूटर, इंटरनेट और मोबाइल युग की शुरुआत से करते हुए उन्होंने कहा कि जो पीढ़ी एआई के साथ बड़ी होगी, वह ऐसी उपलब्धियां हासिल करेगी जिनकी आज कल्पना करना कठिन है।

उन्होंने कहा, ‘‘और यह एआई के साथ होने जा रहा है तथा भारत और यहां के युवा इस बदलाव के अगुवा हो सकते हैं।’

भाषा सुमित अजय

अजय


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