जोहो ने भारतीय उद्यमों के लिए पेश किया एआई से लैस स्वदेशी ईआरपी मंच

जोहो ने भारतीय उद्यमों के लिए पेश किया एआई से लैस स्वदेशी ईआरपी मंच

जोहो ने भारतीय उद्यमों के लिए पेश किया एआई से लैस स्वदेशी ईआरपी मंच
Modified Date: January 23, 2026 / 05:36 pm IST
Published Date: January 23, 2026 5:36 pm IST

कुंभकोणम (तमिलनाडु), 23 जनवरी (भाषा) घरेलू सॉफ्टवेयर कंपनी जोहो ने शुक्रवार को भारतीय उद्यमों के लिए अपना नया स्वदेशी ‘उद्यम संसाधन नियोजन’ (ईआरपी) समाधान पेश किया। इसके जरिये कंपनी छोटे शहरों एवं कस्बों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के साथ वैश्विक कंपनियों को चुनौती भी देना चाहती है।

ईआरपी एक सॉफ्टवेयर प्रणाली होती है जो किसी कंपनी या संगठन के सभी मुख्य कामकाज को एक जगह जोड़कर उसका प्रबंधन करने में मदद करती है।

जोहो ने यह घोषणा तमिलनाडु के तंजावुर जिले के कुंभकोणम से की, जहां कंपनी अपनी मौजूदा करीब 200 कर्मचारियों की टीम को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर 2,000 पेशेवरों की क्षमता वाले एक बड़े परिसर में बदलने की योजना बना रही है।

कंपनी ने कहा कि नया ईआरपी समाधान कुंभकोणम की टीम के सहयोग से विकसित किया गया है और आगे की वृद्धि भी इसी छोटे शहर से संचालित होगी।

जोहो का यह कदम बीते एक साल में सरकार से मिली पहचान के अनुरूप है। ‘स्वदेशी’ सोच को बढ़ावा देते हुए पिछले साल केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंत्रिमंडल के फैसलों की प्रस्तुति के लिए जोहो के स्वदेशी सॉफ्टवेयर ‘जोहो शो’ का इस्तेमाल किया था।

जोहो का कहना है कि उसका नया ईआरपी समाधान तेजी से बढ़ते भारतीय कारोबार को ज्यादा लागत और जटिल ढांचे के बगैर विस्तार करने में मदद करेगा।

जोहो ईआरपी में कृत्रिम मेधा (एआई) को अलग से जोड़ने के बजाय मंच का ही हिस्सा बनाया गया है। इससे स्वचालन, भविष्य का अनुमान लगाने, गड़बड़ियों की पहचान और वित्त एवं संचालन से जुड़ी पूरी जानकारी एक ही जगह मिल सकेगी।

जोहो कॉर्प के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) शैलेश दवे ने कहा कि यह नया समाधान वैश्विक ईआरपी प्रणालियों का एक मजबूत स्वदेशी विकल्प है।

इस अवसर पर जोहो के संस्थापक और मुख्य वैज्ञानिक श्रीधर वेम्बू ने कहा कि तेजी से प्रौद्योगिकी पर निर्भर होती जा रही दुनिया में देशों के लिए प्रौद्योगिकी मामले में आत्मनिर्भरता हासिल करना आवश्यक है।

वेम्बू ने पीटीआई-भाषा के साथ बातचीत में कहा कि यह ईआरपी मंच पहले भारत में उपलब्ध होगा और फिर चरणबद्ध तरीके से इसे वैश्विक स्तर पर पेश किया जाएगा।

अपना आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने की कोई योजना नहीं होने पर वेम्बु ने कहा कि निजी कंपनी बने रहने से जोहो को शोध और विकास में भारी निवेश करने का मौका मिलता है।

वेम्बू ने कहा कि लगभग पांच साल में विकसित यह ईआरपी मंच जोहो के वित्तीय सॉफ्टवेयर के 15 साल के अनुभव पर आधारित है और कंपनी के लिए एक प्रमुख वृद्धि इंजन बनने की संभावना है।

भाषा प्रेम

प्रेम रमण

रमण


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