रायपुर, 25 फरवरी (भाषा) छत्तीसगढ़ में पिछले 13 महीनों में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के 1,434 मामलों में कुल 2,599 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 20,089 किलाग्राम गांजा एवं अन्य मादक पदार्थों की 300408 गोलियों/कैप्सूल आदि पदार्थ जब्त किए गए।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बुधवार को विधानसभा में यह जानकारी दी।
गृह विभाग के प्रभारी शर्मा ने कहा कि पुलिस अवैध मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए लगातार और असरदार कार्रवाई कर रही है।
सदन में आज भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक अजय चंद्राकर तथा धरमलाल कौशिक ने नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री की ओर गृह मंत्री का ध्यान आकर्षित किया।
चंद्राकर ने आरोप लगाया कि राज्य में चरस, गांजा, ब्राउन शुगर, हेरोइन, अफीम, डोडा और नशीली गोलियों जैसे नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकना लगभग नामुमकिन हो गया है।
उन्होंने दावा किया कि गैर-कानूनी तस्करी की घटनाएं बढ़ रही हैं और प्रशासन इसे रोकने के लिए कोई ठोस योजना बनाने में नाकाम रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि तस्करों ने पूरे राज्य में अपना नेटवर्क फैला लिया है, जिससे अपराध बढ़ रहे हैं।
एम्स और केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्रालय के हालिया नेशनल सर्वे डेटा का हवाला देते हुए चंद्राकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ में अफीम और ‘इंजेक्टेबल ड्रग्स’ जैसे नशीले पदार्थों का इस्तेमाल करने वालों की संख्या 1.5 लाख से दो लाख के बीच है, जबकि गांजा इस्तेमाल करने वालों की संख्या लगभग 3.8 लाख से चार लाख के बीच है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि 10-17 साल के 40 हजार से ज़्यादा बच्चे ‘इनहेलेंट’ और कफ सिरप के आदी हैं तथा नशे और मानसिक तनाव के कारण हर साल 250 से 300 मौतें या आत्महत्याएं होती हैं।
आरोपों का जवाब देते हुए शर्मा ने कहा कि यह दावा करना गलत है कि नशीली दवाओं की तस्करी को रोकने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार अवैध मादक पदार्थों और दूसरे नशीली दवाओं की तस्करी रोकने के लिए पूरी तरह से दृढ़ संकल्पित है।
शर्मा ने कहा कि 2025 में नशीली दवाओं से जुड़े कुल 1288 मामले दर्ज किए गए और 2342 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
उन्होंने कहा कि ज़ब्त की गई मादक पदार्थों में 16999.7 किलोग्राम गांजा, 141 ग्राम ब्राउन शुगर, 1259 ग्राम अफीम, 2.039 किलोग्राम हेरोइन, 27.68 ग्राम चरस, 23.56 ग्राम कोकीन, 70.46 ग्राम एमडीएमए, 1,524 किलाग्राम डोडा और 241138 नशीली दवाएं शामिल हैं।
शर्मा ने बताया कि 2026 में (31 जनवरी तक) 146 प्रकरणों में 257 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि ज़ब्त की किए गए मादक पदार्थों में 3090 किलाग्राम गांजा, 8.85 ग्राम ब्राउन शुगर, 277.2 ग्राम अफीम, 123.8 ग्राम हेरोइन, 15.29 किलाग्राम डोडा और 59,270 नशीली दवाएं शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि विभाग ने मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल पाए गए अधिकारियों/कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई भी की है।
शर्मा ने बताया कि रायपुर और दुर्ग जिलों में ‘गोगो पाइप‘, ‘स्मोकिंग कोन’ और ‘रोलिंग पेपर’ जैसे ड्रग इस्तेमाल करने के सामान की बिक्री के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए सभी जिलों में कार्यबल बनाये हैं और 10 जिलों में ‘एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स यूनिट’ के लिए 100 नये पद मंजूर किये हैं।
उन्होंने बताया कि 2025 में 16 आरोपियों की 13.29 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की गई तथा 2024 से 31 जनवरी, 2026 तक, पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट के तहत 145 आदतन अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
भाषा संजीव राजकुमार
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