‘सहकार से समृद्धि’ के सपने को साकार करने के लिए देश की हर पंचायत में एक सहकारी समिति बनाई जा रही : शाह

'सहकार से समृद्धि' के सपने को साकार करने के लिए देश की हर पंचायत में एक सहकारी समिति बनाई जा रही : शाह

‘सहकार से समृद्धि’ के सपने को साकार करने के लिए देश की हर पंचायत में एक सहकारी समिति बनाई जा रही : शाह
Modified Date: August 25, 2024 / 08:39 pm IST
Published Date: August 25, 2024 8:39 pm IST

रायपुर, 25 अगस्त (भाषा) केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि ‘सहकार से समृद्धि’ के सपने को साकार करने के लिए देश की हर पंचायत में एक सहकारी समिति बनाई जा रही है।

अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के रायपुर में ‘राज्य में सहकारिता के विस्तार’ से संबंधित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।

उन्होंने बताया कि शाह ने छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में पानी समिति के रूप में प्राथमिक कृषि साख समिति (पीएसीएस) की शुरूआत की।

अधिकारियों ने बताया कि बैठक को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार को अगले छह महीनों के भीतर तीन सहकारी चीनी मिलों में मल्टी-फीड इथेनॉल उत्पादन संयंत्र स्थापित करना चाहिए।

शाह ने कहा, ”प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सहकार से समृद्धि के स्वप्न को साकार करने के लिए देश की हर पंचायत में एक सहकारी समिति का गठन किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार को संपूर्ण जनजातीय विकास के लिए एक नई पब्लिक डेयरी योजना बनानी चाहिए, जो पीएसीएस, डेयरी और मात्स्यिकी सहकारी संस्था का काम करेगी।”

केंद्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस का उपयोग छत्तीसगढ़ में सूखे क्षेत्रों को ढूंढने के लिए करना चाहिए जिससे सहकारिता के विस्तार में मदद मिलेगी।

उन्होंने इस बात पर बल दिया कि कम्प्यूटराइजेशन होने के साथ ही हर प्राथमिक कृषि साख समिति (पीएसीएस) को कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) बना देना चाहिए जिससे पीएसीएस द्वारा अनेक गतिविधियों का लाभ ग्रामीण जनता तक पहुंच सके।

शाह ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ में चार सहकारी चीनी मिलें हैं जिनमें से सिर्फ एक मिल में इथेनॉल उत्पादन प्लांट है। उन्होंने कहा कि बाकी तीन सहकारी चीनी मिलों में छह महीने के अंदर मल्टी-फीड इथेनॉल उत्पादन प्लांट लगाए जाएं, जिससे मक्का और गन्ना आदि से इथेनॉल उत्पादन किया जा सके।

उन्होंने इथेनॉल उत्पादन के लिए भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नेफेड), राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ (एनसीसीएफ) और राज्य के बीच समझौते पर भी जोर दिया, जिससे किसानों को मक्का की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।

शाह ने छत्तीसगढ़ में मक्का और दलहन की खेती को बढ़ावा देने की जरूरत पर जोर दिया।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में कुल छह जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक हैं और निकट भविष्य में राज्य में पीएसीएस के विस्तार को ध्यान में रखते हुए कम से कम चार और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की स्थापना होनी चाहिए।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, केन्द्रीय सहकारिता राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल, छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव और केन्द्रीय सहकारिता मंत्रालय के सचिव डॉक्टर आशीष कुमार भूटानी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

अधिकारियों ने बताया कि बाद में शाह ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत राज्य सरकार के ‘पीपल फॉर पीपल’ अभियान की शुरुआत की और नवा रायपुर में निर्माणाधीन विधानसभा परिसर में पीपल का पौधा लगाया।

उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री साय के साथ वहां राज्य सरकार के विभिन्न विकास कार्यों को भी समर्पित किया।

अधिकारियों ने बताया कि नवा रायपुर अटल नगर में ‘पीपल फॉर पीपल’ अभियान के तहत स्थानीय प्रजातियों के एक लाख से अधिक बड़े पेड़ लगाए जाएंगे और अब तक 21 हजार पीपल के पौधे लगाए जा चुके हैं।

उन्होंने बताया कि शाह ने जिन विकास कार्यों का उद्घाटन किया उनमें नवा रायपुर में स्मार्ट सिटी योजना के तहत 204.84 करोड़ रुपये की लागत से रेलवे स्टेशन, स्मार्ट रोड, पार्किंग और स्मार्ट स्कूल शामिल हैं।

अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले दिन में राज्य के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में पुलिस के पालनार कैंप के आस—पास के पांच नक्सल प्रभावित गांवों के 31 युवाओं ने होटल में शाह से मुलाकात की। यह युवा पहली बार राजधानी रायपुर आए थे।

उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री शाह रायपुर के तीन दिवसीय प्रवास के बाद आज नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए। रायपुर के स्वामी विवेकानंद विमानतल पर शाह को मुख्यमंत्री साय, केन्द्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्य मंत्री तोखन साहू, साय मंत्रिमंडल के सदस्यों और वरिष्ठ अधिकारियों ने विदाई दी।

भाषा संजीव रंजन

रंजन


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