Bilaspur University Cheating Case: नकलचियों के खिलाफ बिलासपुर यूनिवर्सिटी का बड़ा स्ट्राइक.. 74 छात्रों की परीक्षा रद्द, 45 हजार से ज्यादा छात्रों ने दी थी परीक्षा..
अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर ने नकल के 80 मामलों की जांच के बाद 74 विद्यार्थियों की परीक्षा रद्द कर दी। छह छात्रों को आरोपों से मुक्त किया गया, जबकि कुछ को पूरक परीक्षा और कुछ को संबंधित विषय में अनुत्तीर्ण घोषित किया गया।
Action on Bilaspur Atal Bihari University Cheating Case || Image- BU Bilaspur File
- 74 विद्यार्थियों की परीक्षा रद्द।
- 80 नकल मामलों की जांच पूरी।
- छह छात्रों को मिली राहत।
बिलासपुर: अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय ने मुख्य परीक्षा 2026 में सामने आए नकल के मामलों पर सख्त कार्रवाई करते हुए 74 परीक्षार्थियों की परीक्षा रद्द कर दी है। विश्वविद्यालय की अनुशासन समिति ने कुल 80 नकल प्रकरणों की जांच की, जिसमें 6 विद्यार्थियों को आरोपों से मुक्त कर दिया गया। (Bilaspur Atal Bihari University Cheating Case) वहीं कुछ छात्रों को पूरक परीक्षा देने का अवसर दिया गया है, जबकि कुछ को संबंधित विषय में अनुत्तीर्ण घोषित किया गया है। हालांकि किसी भी छात्र को विश्वविद्यालय से प्रतिबंधित नहीं किया गया है।
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कुलपति बोले- ‘नकल पर जीरो टॉलरेंस नीति’
मीडिया से हुई बातचीत में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ललित प्रकाश पटेरिया ने कहा कि अटल यूनिवर्सिटी नकल के मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के अवसर जरूर मिलने चाहिए, लेकिन ईमानदारी, अनुशासन और नैतिक मूल्यों का विकास भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि नकल से सफलता नहीं मिलती, बल्कि चरित्र कमजोर होता है। इसलिए छात्रों को स्वयं नकल से दूर रहना चाहिए और नए भारत के निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए।
45 हजार से ज्यादा छात्रों ने दी थी परीक्षा
विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा में इस वर्ष कुल 45,529 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। इनमें 22,473 नियमित, 22,319 निजी, 253 भूतपूर्व और 484 पूरक परीक्षार्थी शामिल थे। परीक्षा सत्र के दौरान 58 विषय कोड की परीक्षाएं आयोजित की गईं। (Bilaspur Atal Bihari University Cheating Case) इतने बड़े परीक्षा आयोजन के बीच सीमित संख्या में नकल के मामले सामने आना परीक्षा व्यवस्था की सख्ती को भी दर्शाता है।
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चार जिलों के 68 केंद्रों पर हुई थी परीक्षा
मुख्य परीक्षा के लिए बिलासपुर, मुंगेली, कोरबा और पेंड्रारोड के 68 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। सभी केंद्रों पर प्रश्नपत्रों की गोपनीयता, वितरण और निगरानी के विशेष इंतजाम किए गए थे। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल वार्षिक पद्धति की परीक्षाओं से संबंधित है। वहीं नई शिक्षा नीति (NEP), यूटीडी और विधि संकाय की परीक्षाओं से जुड़े नकल प्रकरणों की जांच अभी जारी है।
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