Custom milling scam: अनवर ढेबर और अनिल टुटेजा को मिली जमानत, शराब घोटाला मामले भी इन दो लोगों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत

Custom milling scam: अनवर ढेबर और अनिल टुटेजा को मिली जमानत, शराब घोटाला मामले भी इन दो लोगों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत

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  • Publish Date - January 13, 2026 / 07:23 PM IST,
    Updated On - January 13, 2026 / 07:33 PM IST

Custom milling scam | Photo Credit: IBC24 Customize

HIGHLIGHTS
  • बिलासपुर हाईकोर्ट ने अनवर ढेबर और अनिल टुटेजा को जमानत दी
  • कस्टम मिलिंग घोटाला 140 करोड़ रुपए से अधिक का बताया जा रहा है
  • मिलरों से 20 रुपए प्रति क्विंटल कमीशन लेकर अवैध वसूली की जाती थी

बिलासपुर: Custom milling scam छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग घोटाला केस में हाईकोर्ट ने अनवर ढेबर और रिटायर्ड आईएएस अनिल टुटेजा को जमानत दे दी है। वहीं शराब घोटाला मामले में 2 आरोपी मुकेश मनचंदा और अतुल सिंह को भी जमानत मिली है।

Bilaspur High Court बता दें कि छत्तीसगढ़ में कस्टम मिलिंग घोटाला 140 करोड़ रुपए से अधिक का है। आरोप है कि 140 करोड़ रुपए से ज्यादा की अवैध वसूली की गई है, इसमें अफसर से लेकर मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी तक शामिल हैं। अलग-अलग राइस मिलर्स के द्वारा नागरिक आपूर्ति निगम और एफसीआई में कस्टम मिलिंग का चावल जमा किया जाता रहा। इस घोटाले में अनवर ढेबर और अनिल टुटेजा को अरोपी बनाए गए हैं और दोनों के खिलाफ ईओडब्ल्यू ने मामला दर्ज कर कोर्ट में चालान पेश किया था। इसके बाद दोनों को जेल दाखिल किया गया था। अब हाईकोर्ट से दोनों को जमानत मिल गई है।

मिलरों से वसूला लेव्ही

EOW ने फरवरी 2025 में रोशन चंद्राकर और मनोज सोनी के खिलाफ ईओडब्ल्यू द्वारा कस्टम मिलिंग घोटाले में पहला चालान प्रस्तुत किया गया था। कस्टम मिलिंग में राइस मिलों से अवैध वसूली की गई थी। अवैध वसूली से 20 करोड़ रुपए हड़प लिए। राइस मिलरों से अवैध वसूली करने के लिए मार्कफेड के जिला विपणन अधिकारियों पर दबाव बनाकर बिल लंबित रखा जाता था, जिससे राइस मिलर दबाव में आकर 20 रुपए प्रति क्विंटल की दर से कमीशन लेते थे।

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कस्टम मिलिंग घोटाला क्या है?

यह चावल मिलिंग प्रक्रिया में मिलरों से अवैध वसूली का मामला है, जिसमें सरकारी अधिकारियों और मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों की संलिप्तता बताई गई है।

इस घोटाले में कितनी राशि का आरोप है?

करीब 140 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध वसूली का आरोप है।

मुख्य आरोपी कौन हैं?

अनवर ढेबर और रिटायर्ड आईएएस अनिल टुटेजा मुख्य आरोपी हैं।