शोषक कौन, हितैषी कौन, नेता मुखर.. आदिवासी कौन? सीमा पात्रा के बहाने आरोप प्रत्यारोप की सियासत के पीछे की मंशा क्या है?

शोषक कौन, हितैषी कौन, नेता मुखर.. आदिवासी कौन? Argora Police arrested EX BJP leader Seema Patra and presented in court

शोषक कौन, हितैषी कौन, नेता मुखर.. आदिवासी कौन? सीमा पात्रा के बहाने आरोप प्रत्यारोप की सियासत के पीछे की मंशा क्या है?
Modified Date: November 29, 2022 / 08:24 pm IST
Published Date: August 31, 2022 11:18 pm IST

रायपुरः Argora Police arrested EX BJP leader Seema Patra आदिवासी हितैषी कौन? हमेशा से ये मुद्दा प्रदेश का सबसे हॉट टॉपिक रहा है। चुनाव जीतने की रणनीति आदिवासी वोटर्स को केंद्र में रखकर ही बुनी जाती रही है। ये भी कहा जाता है कि जिसने आदिवासी वर्ग को साध लिया सत्ता उसकी। यही वजह है कि बीजेपी और कांग्रेस खुद को बड़ा आदिवासी हितैषी और सामने वाले को शोषक बताने की होड़ जारी हैं। इस बार ये लड़ाई झारखंड की सीमा पात्रा केस को लेकर शुरू हुई है। दोनों तरफ से जमकर बयानबाजी हो रही है।

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Argora Police arrested EX BJP leader Seema Patra महिला बीजेपी की पूर्व नेत्री सीमा पात्रा को अरगोडा पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया है। सीमा पात्रा पर नौकरानी सुनीता को प्रताड़ित करने का आरोप है। कोर्ट ने सीमा को 12 सितंबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। इधर पीड़िता सुनीता ने बताया कि सीमा पात्रा कैसे उसपर जुल्म करती थी।

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इधर सीमा पात्रा ने कहा कि उनके ऊपर लगाए सभी आरोप झूठे हैं। मुझे फंसाया गया है. खबर सामने आने के बाद सुनीता को BJP से निष्कासित कर दिया गया है घटना झारखंड की है लेकिन इसे लेकर छत्तीसगढ़ में सियासत तेज हो गई है. सीएम भूपेश बघेल ने ट्वीट कर बीजेपी की तत्कालीन 15 साल की सरकार को घेरते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में भी डेढ़ दशक तक आदिवासियों का शोषण किया गया। उन्होंने लिखा कि क्या भाजपा आदिवासियों को इंसान नहीं समझती ? क्या उन्हें दोयम दर्जे का नागरिक मानती है? सीएम ने RSS पर भी हमला बोलते हुए लिखा कि अमानवीयता और गिरने की सारी हदें पार करने वाली नागपुर संचालित स्वघोषित संस्कारी पार्टी के नेताओं को जवाब देना होगा। सीएम के ट्वीट के बाद बीजेपी-कांग्रेस आमने-सामने हैं।

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अब सवाल है कि झारखंड की आदिवासी दिव्यांग महिला के साथ दुर्व्यवहार को प्रदेश में इतना तूल क्यों दिया जा रहा है। सीमा पात्रा के बहाने आरोप प्रत्यारोप की सियासत के पीछे की मंशा क्या है। सबसे बड़ा सवाल ये कि खुद को आदिवासियों का हितैषी और सामने वाले को शोषक बताने से किसे क्या हासिल होगा?

 


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सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।