CG Petrol-Diesel: अब ड्रम और बोतल में नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल, सरकार ने लगाई रोक, जानिए क्या है कारण

CG Petrol-Diesel: अब ड्रम और बोतल में नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल, सरकार ने लगाई रोक, जानिए क्या है कारण

CG Petrol-Diesel: अब ड्रम और बोतल में नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल, सरकार ने लगाई रोक, जानिए क्या है कारण

CG Petrol-Diesel | Photo Credit: AI

Modified Date: May 23, 2026 / 06:39 am IST
Published Date: May 23, 2026 6:38 am IST
HIGHLIGHTS
  • ड्रम/जेरीकेन में ईंधन बिक्री पर रोक
  • उल्लंघन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई
  • किसानों और आवश्यक सेवाओं को छूट

जगदलपुर: CG Petrol-Diesel राज्य शासन ने राज्य में ईंधन की जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग को रोकने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत अब प्रदेश के भीतर सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों और समानांतर विपणनकर्ता कंपनियों के किसी भी पेट्रोल पंप से ड्रम, बोतल या जेरीकेन में पेट्रोल और डीजल का विक्रय पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। शासन द्वारा जारी नए निर्देशों के अनुसार रिटेल आउटलेट संचालकों को अब पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सीधे उपभोक्ताओं के वाहनों की टंकी में ही करनी होगी।

CG Latest Fuel Update सरकार ने इस व्यवस्था को बेहद सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया है और साफ कर दिया है कि यदि कोई भी पेट्रोल पंप संचालक इस निर्देश का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसे मोटर स्पिरिट और उच्च वेग डीजल (प्रदाय तथा वितरण का विनियमन और अनाचार निवारण) आदेश 2005 के तहत अप्राधिकृत विक्रय माना जाएगा। ऐसी स्थिति में संबंधितों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के कड़े प्रावधानों के अंतर्गत नियमानुसार प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

आम उपभोक्ताओं के लिए की गई इस कड़ाई के बीच शासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि राज्य के विकास और किसानों के कामकाज पर इसका कोई बुरा असर न पड़े। इसके लिए आदेश में रबी सीजन की फसल कटाई तथा आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों के मद्देनजर प्रदेश के किसानों को डीजल की मांग पर विशेष छूट दी गई है। साथ ही जिला कलेक्टर द्वारा चिन्हांकित किए गए ऐसे समस्त शासकीय कार्यों जैसे रेलवे, सड़क निर्माण और भवन निर्माण, जो समय-सीमा के भीतर पूर्ण किए जाने हैं, उन्हें भी इस प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है।

इसके अतिरिक्त अस्पताल और मोबाइल टॉवर जैसी जिला कलेक्टर द्वारा चिन्हांकित अत्यावश्यक सेवाओं के लिए भी इस नियम में ढील दी गई है। इस छूट का लाभ उठाने के लिए एक पारदर्शी प्रक्रिया तय की गई है, जिसके तहत किसानों, शासकीय कार्यों और अत्यावश्यक सेवाओं के लिए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) यानी एसडीएम द्वारा प्रस्तुत मांग का बाकायदा परीक्षण किया जाएगा। एसडीएम की इस जांच और हरी झंडी के बाद ही पेट्रोल पंप संचालक सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करते हुए इन विशेष श्रेणियों के ग्राहकों को ड्रम या जेरीकेन में ईंधन का विक्रय कर सकेंगे।

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