Bastar Land Dispute: छत्तीसगढ़ के इस गांव में जमीन विवाद पर बवाल, राजस्व टीम पर हमला और ग्रामीणों को सामाजिक बहिष्कार की धमकी, गांव में तनाव

Bastar Land Dispute: करपावंड में राजस्व टीम पर हमले के बाद विरोध करने वालों को 'हुक्का-पानी बंद' करने की चेतावनी देने का आरोप लगा है।

Bastar Land Dispute: छत्तीसगढ़ के इस गांव में जमीन विवाद पर बवाल, राजस्व टीम पर हमला और ग्रामीणों को सामाजिक बहिष्कार की धमकी, गांव में तनाव

Bastar Land Dispute/Photo Credit: IBC24 File

Modified Date: June 22, 2026 / 03:57 pm IST
Published Date: June 22, 2026 3:56 pm IST
HIGHLIGHTS
  • जमीन नापने पहुंची राजस्व टीम पर हमले के मामले में FIR दर्ज, 12 लोगों गिरफ्तार
  • खातेदार ने सरपंच पर विवाद भड़काने और योजनाबद्ध तरीके से हमला कराने का आरोप लगाया है
  • ग्रामीणों का दावा है कि विरोध करने वालों को हुक्का-पानी बंद करने की धमकी दी जा रही है

Bastar Land Dispute: छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के करपावंड में निजी जमीन की नाप जोख करने पहुंचे राजस्व कर्मचारी और अधिकारियों पर हमले के बाद मामले में एफआईआर दर्ज कर दी गई है। इस मामले में 12 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है, लेकिन अब गांव में इसे लेकर भी मुद्दा गरमाने लगा है। राजस्व मंडल से केस जीतने के बाद खातेदार ने सरपंच पर बेवजह विवाद करने का आरोप लगाया है।

Bastar Land Dispute खातेदार ने कहा है कि योजनाबद्द तरीके से यह पूरा हमला कराया और कई बड़ी जमीन की नाप के दौरान उस पर कब्जा होने की बात की गई। जिससे ग्रामीण भड़क गए और यह विवाद हुआ। स्थानीय लोगों का कहना है की घटना के बाद से जो लोग भी सरपंच के इस काम में साथ नहीं दे रहे हैं, उनका हुका पानी बंद करने की धमकी दी गई है। एक दिन पहले गांव में पानी की सप्लाई भी बंद कर दी गई थी।

दरअसल, यह विवाद (Bastar Land Dispute) उस वक्त हुआ जब सरकारी आदेश पर राजस्व विभाग की टीम खाली पड़ी जमीन को नापने पहुंची। वर्तमान में मूल खातेदार के खाते में 10 एकड़ से अधिक की जमीन है, जिसमें से डेढ़ एकड़ की जमीन पूरी तरह से खाली पड़ी हुई है और जब इस जमीन की नाप हुई तो अन्य कब्जदारों ने इस आशंका में राजस्व टीम पर हमला कर दिया। उनकी कब्जे की जमीन पर से भी कब्ज़ा हटाए जाने के लिए टीम मौके पर पहुंची है। मामले मे गांव के भी पूर्व सरपंच परिवार एवं कांग्रेस के नेताओं का आरोप है कि यह प्रायोजित तरीके से कुछ लोगों द्वारा निजी स्वार्थ की वजह से विवाद खड़ा किया जा रहा है, जिससे गांव की छवि खराब हो रही है और विवाद बढ़ रहा है।

 

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.