Reported By: Santosh Tiwari
,Bijapur Naxal Encounter/Image Source: IBC24
बीजापुर: Bijapur Naxal Encounter: बीजापुर जिले के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र अंतर्गत थाना भोपालपटनम और थाना फरसेगढ़ के सरहदी जंगल-पहाड़ी इलाके में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में 04 महिला माओवादी सहित कुल 06 माओवादी कैडर मारे गए। मारे गए माओवादियों में नेशनल पार्क एरिया कमेटी का इंचार्ज और शीर्ष माओवादी नेता DVCM दिलीप बेंडजा भी शामिल है, जिस पर 08 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, नेशनल पार्क एरिया कमेटी के DVCM दिलीप बेंडजा और अन्य सशस्त्र माओवादियों की मौजूदगी की विश्वसनीय आसूचना के आधार पर DRG बीजापुर, DRG दंतेवाड़ा, STF, CoBRA 202, 206, 210 और CRPF 214 की संयुक्त टीम को अभियान पर रवाना किया गया था।17 जनवरी 2026 की सुबह से सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच रुक-रुककर फायरिंग शुरू हुई, जो 18 जनवरी की शाम तक चली। मुठभेड़ के बाद चलाए गए सर्च ऑपरेशन में कुल 06 माओवादी कैडरों के शव बरामद किए गए।
Bijapur Naxal Encounter: मारे गए माओवादियों की पहचान DVCM दिलीप बेंडजा, ACM माड़वी कोसा, ACM पालो पोड़ियम, ACM लक्खी मड़काम, PM जुगलो बंजाम, PM राधा मेट्टा हुई है। इन सभी माओवादियों पर कुल 27 लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार, DVCM दिलीप बेंडजा के खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में 135 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे और वह कई बड़ी माओवादी घटनाओं में शामिल रहा था।मुठभेड़ स्थल से सुरक्षाबलों ने 02 AK-47 राइफल, 01 INSAS राइफल, 02 .303 राइफल, 01 कार्बाइन, BGL लॉन्चर, BGL सेल, नगद राशि, वायरलेस सेट, स्कैनर, मल्टीमीटर, देशी हैंड ग्रेनेड, विस्फोटक सामग्री, माओवादी साहित्य, वर्दी और मेडिकल सामग्री सहित भारी मात्रा में सामान बरामद किया है।
Bijapur Naxal Encounter: बीजापुर पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने बताया कि जिले में माओवादी विरोधी अभियान लगातार जारी है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में 163 माओवादी मारे गए थे, जबकि वर्ष 2026 में अब तक 08 माओवादी ढेर हो चुके हैं। जनवरी 2024 से अब तक 229 माओवादी मारे गए, 1126 गिरफ्तार किए गए और 876 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में वापसी की है। वहीं बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टिलिंगम ने कहा कि निरंतर आसूचना-आधारित अभियानों और स्थानीय सहयोग से माओवादी प्रभाव लगभग समाप्ति की ओर है। उन्होंने शेष बचे माओवादियों से आत्मसमर्पण कर शांति और विकास के मार्ग को अपनाने की अपील की। अभियान के दौरान जंगल क्षेत्र में भालू और वनभैंसा के हमले से दो जवान घायल हो गए, जिन्हें सुरक्षित रूप से उपचार के लिए हायर सेंटर भेजा गया है। दोनों जवानों की हालत स्थिर बताई जा रही है।