America Israel Iran War Update: श्रीलंका तट पर अमेरिका ने ईरानी जहाज़ पर किया हमला, अब तक इतने लोगों की मौत की पुष्टि, कई लोगों की तलाश जारी

Ads

श्रीलंका तट पर अमेरिका ने ईरानी जहाज़ पर किया हमला, अब तक इतने लोगों की मौत की पुष्टि, Sri Lanka recovers 80 Iranian sailors bodies

  •  
  • Publish Date - March 4, 2026 / 11:50 PM IST,
    Updated On - March 4, 2026 / 11:59 PM IST

America Israel Iran War Update. Image Source- IBC24

कोलंबो: America Israel Iran War Update:  श्रीलंकाई अधिकारियों ने बुधवार को कहा कि उन्होंने श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास अमेरिकी पनडुब्बी हमले के बाद डूबे एक ईरानी नौसैन्य जहाज से करीब 80 ईरानी नाविकों के शव बरामद किए हैं। श्रीलंका ने पहले बताया था कि उसकी नौसेना ने बुधवार तड़के लगभग 180 नाविकों को लेकर जा रहे ‘आईरिस देना’ नामक ईरानी जहाज से 32 ईरानी नाविकों को बचाया। श्रीलंकाई नौसेना ने हालांकि इसकी वजह नहीं बताई कि जहाज ने आपातकालीन संदेश क्यों भेजा था, वहीं अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि एक अमेरिकी पनडुब्बी ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में एक ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया।

America Israel Iran War Update:  उन्होंने कहा कि यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से टॉरपीडो से दुश्मन के जहाज को डुबोने की पहली घटना है। ईरानी जहाज हाल ही में भारत द्वारा आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय नौसैन्य अभ्यास में शामिल हुआ था। भारतीय नौसेना की ओर से तत्काल कोई टिप्पणी नहीं आई है। हेगसेथ ने वाशिंगटन में पत्रकारों से कहा, ‘एक अमेरिकी पनडुब्बी ने एक ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया, जिसे अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में सुरक्षित समझा जा रहा था। लेकिन उसे टॉरपीडो से डुबो दिया गया।” हेगसेथ ने कहा कि अमेरिकी सेना ने ‘सुलेमानी’ नामक ईरानी जहाज को डुबो दिया, जो ईरानी ‘कुद्स’ बल के प्रमुख जनरल क़ासिम सुलेमानी के नाम पर था। अमेरिकी बलों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान सुलेमानी को मार डाला था। हेगसेथ ने जनरल सुलेमानी का जिक्र करते हुए कहा, ‘मुझे लगता है अमेरिकी राष्ट्रपति ने उसे दूसरी बार मारा है।”

श्रीलंकाई विदेश मंत्री विजिता हेराथ ने संसद में कहा कि सुबह 5:08 बजे एक आपातकालीन संदेश प्राप्त हुआ था जिसमें एक जहाज डूबने की सूचना थी। उन्होंने कहा कि यह दक्षिणी बंदरगाह जिले गॉल से लगभग 40 समुद्री मील दूर था। हेराथ ने बताया कि श्रीलंकाई नौसेना और वायुसेना ने संयुक्त बचाव अभियान चलाया। उन्होंने कहा, “ जहाज पर करीब 180 लोग सवार थे, जिनमें से 30 को बचा लिया गया।” अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने करीब 80 शव बरामद किए हैं। श्रीलंकाई उप विदेश मंत्री अरुण चंद्रा ने कहा कि शव अब गॉल के करापिटिया अस्पताल में हैं। श्रीलंकाई नौसेना के प्रवक्ता कमांडर बुद्धिका संपत ने पहले कोलंबो में संवाददाताओं को बताया था कि कई शव उस स्थान के पास पाए गए थे, जहां से आपातकालीन संदेश भेजा गया था, हालांकि सटीक संख्या तत्काल पता नहीं चल पाई है।

उन्होंने कहा, “इस समय, कोई संख्या बताना मुश्किल है, लेकिन शव मिले हैं। चूंकि ये शव आपातकालीन संकेत के स्थान के पास मिले हैं, इसलिए यह माना जा रहा है कि इनका संबंध उसी जहाज से है।” संपत ने कहा, “जब हमारी टीम घटनास्थल पर पहुंचीं, तो हमने बड़ी मात्रा में तेल फैला हुआ देखा, जिससे यह संकेत मिला कि जहाज डूब चुका है।” संपत ने कहा कि आपातकालीन संदेश के कारण का पता विशेषज्ञ अधिकारियों द्वारा जांच किए जाने के बाद पता चलेगा। उन्होंने कहा कि यह घटना श्रीलंकाई क्षेत्रीय जलक्षेत्र के बाहर हुई, लेकिन यह देश के खोज और बचाव क्षेत्र में हुई। संपत ने पुष्टि की कि जहाज ईरानी था और बचाए गए चालक दल के सदस्य ईरानी नौसेना की वर्दी में थे। वायुसेना के प्रवक्ता नलिन वेवकुम्बुरा ने कहा कि उस क्षेत्र में किसी अन्य जहाज या विमान का पता नहीं चला, जहां से आपातकालीन संदेश आया था।

हेराथ ने कहा कि श्रीलंका अंतरराष्ट्रीय समुद्री बचाव संधियों के तहत किसी भी संकटग्रस्त व्यक्ति की मदद करने का बाध्य है, चाहे कारण कुछ भी हो। हेराथ ने कहा कि बचाए गए नाविकों को नौसेना के दक्षिणी कमान मुख्यालय में ले जाया गया और बाद में गाले के करापिटिया अस्पताल में भर्ती किया गया। अधिकारियों ने कहा कि दक्षिणी कमान के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का उल्लेख करते हुए हेराथ ने कहा कि श्रीलंका इस स्थिति को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करता है और शांतिपूर्ण समाधान की अपील करता है।

इन्हें भी पढ़ें:-