Amit Jogi Jaggi Hatyakand: चर्चित जग्गी हत्याकांड मामले में अमित जोगी को आजीवन कारावास, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

Amit Jogi Jaggi Hatyakand: चर्चित जग्गी हत्याकांड मामले में अमित जोगी को आजीवन कारावास, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

Amit Jogi Jaggi Hatyakand: चर्चित जग्गी हत्याकांड मामले में अमित जोगी को आजीवन कारावास, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
Modified Date: April 6, 2026 / 11:11 am IST
Published Date: April 6, 2026 10:43 am IST
HIGHLIGHTS
  • Amit Jogi को आजीवन कारावास की सजा
  • Chhattisgarh High Court ने पोर्टल पर अपलोड किया आदेश
  • 2003 में Ramavatar Jaggi की हत्या का मामला

बिलासपुर: जग्गी हत्याकांड मामले में हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए पूर्व सीएम अजीत जोगी के बेटे अमित को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। हाई कोर्ट ने आदेश की कॉपी पोर्टल पर अपलोड कर दी है। इससे पहले मामले में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायाजलय ने बृहस्पतिवार को पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को 2003 में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता रामावतार जग्गी की हत्या के मामले (Jaggi Murder Case) में दोषी ठहराया और उन्हें तीन सप्ताह के भीतर अदालत के सामने आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया था।

Jaggi Murder Case: क्या है पूरा मामला?

बता दें कि राकांपा नेता रामावतार जग्गी की हत्या चार जून, 2003 को हुई थी, जब अजीत जोगी छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री थे। इस मामले की शुरुआती जांच राज्य पुलिस ने की थी। राज्य में 2003 में विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत के बाद रमन सिंह की सरकार ने इस मामले को सीबीआई को सौंप दिया था। सीबीआई ने अमित जोगी समेत कई अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था।

रायपुर की एक अदालत ने 31 मई, 2007 को फैसला सुनाया कि अभियोजन पक्ष ने 28 आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को सफलतापूर्वक साबित कर दिया है। हालांकि, अदालत ने अमित जोगी को उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों से बरी कर दिया था। सीबीआई ने इस फैसले को चुनौती दी थी, लेकिन उच्च न्यायालय ने देरी के आधार पर 2011 में जांच एजेंसी की याचिका खारिज कर दी थी। छत्तीसगढ़ सरकार तथा मृतक रामावतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी की अलग-अलग याचिका भी खारिज कर दी गई थी। पिछले साल नवंबर में उच्चतम न्यायालय ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय से कहा था कि वह सीबीआई की उस याचिका पर फिर से विचार करे जिसमें जोगी को बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ अपील दायर करने की अनुमति मांगी गई थी।

जानिए कौन थे रामावतार जग्गी

रामावतार जग्गी छत्तीसगढ़ के एक कारोबारी और राजनीतिक रूप से सक्रिय व्यक्ति थे। वे पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल के करीबी माने जाते थे। जब शुक्ल ने कांग्रेस छोड़कर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) का दामन थामा, तो जग्गी भी उनके साथ जुड़ गए और उन्हें राज्य में पार्टी का कोषाध्यक्ष बनाया गया था। उनकी राजनीतिक सक्रियता और प्रभाव के चलते वे क्षेत्र में एक अहम चेहरा बन गए थे।


सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

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