CG Vidhan Sabha Special Session : महिला आरक्षण पर छत्तीसगढ़ विधानसभा में तीखीं बहस! इस मंत्री ने पीएम मोदी को बताया भगवान का रूप, जानिए सदन की कार्यवाही का A टू Z अपडेट
CG Vidhan Sabha Special Session : महिला आरक्षण पर छत्तीसगढ़ विधानसभा में तीखीं बहस! इस मंत्री ने पीएम मोदी को बताया भगवान का रूप, जानिए सदन की कार्यवाही का A टू Z अपडेट
CG Vidhan Sabha Special Session/Photo Credit: IBC24
रायपुर। CG Vidhan Sabha Special Session : छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णु देव साय ने आज गुरुवार को विधानसभा में एक शासकीय संकल्प पेश किया, जिसमें देशभर की संसद और सभी विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण जल्द लागू करने का आग्रह किया गया है। जिसके बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई। पक्ष और विपक्ष के नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
कांग्रेस ने संशोधन विधेयक पारित नहीं होने दिया : लक्ष्मी राजवाड़े
महिला बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि भाजपा सरकार महिलाओं के हक में बात करती है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस ने संशोधन विधेयक पारित नहीं होने दिया और अब भ्रम फैला रही है। राजवाड़े ने कहा कि मोदी भगवान के रूप में देश की सेवा करने आए हैं और पूरे समर्पण भाव से देश के लिए काम कर रहे हैं।
कांग्रेस ने कभी महिला आरक्षण विरोध नहीं किया : संगीता सिन्हा
कांग्रेस विधायक संगीता सिन्हा ने जवाब देते हुए कहा कि, कांग्रेस ने कभी महिला आरक्षण विरोध नहीं किया। उन्हेआने कहा कि महिला आरक्षण आज के आज लागू किया जाए। हम महिलाएं बहुत मजबूत हैं, हम अपने अधिकारों के लिए लड़ने के लिए सक्षम हैं।
कांग्रेस ने महिलाओं की स्थिति पर कभी चर्चा नहीं की : अजय चंद्राकर
वहीं BJP विधायक अजय चंद्राकर ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि, कांग्रेस ने महिलाओं की स्थिति पर कभी नहीं चर्चा की। अंबेडकर के साथ कांग्रेस के व्यवहार को सब जानते हैं। विधायक ने यह भी कहा कि स्थानीय निकायों में महिलाओं को 50% आरक्षण देने का काम भाजपा सरकार ने किया है।
कांग्रेस की कथनी और करनी में हमेशा अंतर : किरण सिंह देव
वहीं कांग्रेस पर निशाना साधते हुए BJP अध्यक्ष किरणदेव ने कहा कि, 5 दशक तक देश में कांग्रेस की सरकार रही, फिर भी कांग्रेस ने महिलाओं के लिए काम कुछ काम नहीं किया। बीजेपी ने संसद में बिल लाया तब भी कांग्रेस ने समर्थन क्यों नहीं दिया? उन्होंने कहा कि यह बिल 2029 में लोस और रास में प्रतिनिधित्व देने वाला बिल है। कांग्रेस ने संसद में बिल को ध्वस्त करने का काम किया है। कांग्रेस की कथनी और करनी में हमेशा अंतर रहता है।

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