CM Vishnu Deo Sai Sushasan Tihar: ”मीटिंग से निकलकर बाहर जाओ”… समीक्षा बैठक में इस अधिकारी पर भड़के सीएम साय, कलेक्टरों को दिए ये निर्देश

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CM Vishnu Deo Sai Sushasan Tihar: 'मीटिंग से निकलकर बाहर जाओ'... समीक्षा बैठक में इस अधिकारी पर भड़के सीएम साय, कलेक्टरों को दिए ये निर्देश

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  • Publish Date - May 3, 2026 / 10:46 PM IST,
    Updated On - May 4, 2026 / 12:29 AM IST

CM Vishnu Deo Sai Sushasan Tihar/Photo Credit: IBC24

HIGHLIGHTS
  • बारिश से पहले सभी सड़कों को दुरुस्त करने का सख्त निर्देश
  • गलत जानकारी देने पर PWD अधिकारी को CM की फटकार
  • कलेक्टरों को अधिकारियों पर सख्ती और मूल्यांकन के निर्देश

रायपुर: CM Vishnu Deo Sai Sushasan Tihar: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुशासन तिहार में बलरामपुर प्रवास के दौरान आयोजित समीक्षा बैठक में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर सख्त संदेश दिया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने योजनाओं की प्रगति के साथ-साथ अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की। बैठक के दौरान उस समय स्थिति गंभीर हो गई, जब लोक निर्माण विभाग का एक अधिकारी सड़क मरम्मत की सही जानकारी प्रस्तुत नहीं कर पाया। इस पर मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा, “मीटिंग से बाहर जाइए, अपने सचिव से बात करिए और सही जानकारी लेकर आइए।” इसके बाद बैठक कक्ष में सन्नाटा छा गया और यह स्पष्ट हो गया कि अब कार्यप्रणाली में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री साय (CM Vishnu Deo Sai Sushasan Tihar) ने कहा कि हम सभी जनता के सेवक हैं और अपने-अपने कार्यालयों को सेवा तीर्थ की तरह देखें, जहां आम जनता की सेवा ही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

 

सड़कों की मरम्मत समय-सीमा में पूर्ण की जाए

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकार का विकास सबसे पहले सड़कों पर दिखाई देता है, इसलिए मानसून आने से पहले एक भी सड़क खराब नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया कि सभी सड़कों की मरम्मत समय-सीमा में पूर्ण की जाए और विशेष रूप से आबादी क्षेत्रों की सड़कों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि कार्य में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री हेल्प जल्द होगी शुरू

मुख्यमंत्री साय (CM Vishnu Deo Sai Sushasan Tihar) ने घोषणा की कि राज्य के सभी राजस्व अभिलेखों का डिजिटलीकरण किया जाएगा, जिससे नागरिकों को खसरा-नक्शा डिजिटल हस्ताक्षर के साथ घर बैठे उपलब्ध हो सकेगा। इसके साथ ही “मुख्यमंत्री हेल्पलाइन” सेवा भी शीघ्र प्रारंभ की जाएगी, जिसमें टोल फ्री नंबर के माध्यम से आमजन अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे।

मुख्यमंत्री साय ने कलेक्टरों को निर्देशित किया कि राजस्व मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

मुख्यमंत्री ने जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) निधि के उपयोग पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि इस निधि की अधिकतम राशि खनन प्रभावित गांवों के विकास में खर्च की जानी चाहिए। मुख्यालय के नाम पर इस राशि का उपयोग स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने बलरामपुर के सीमावर्ती क्षेत्रों में खनिज संसाधनों के बेहतर और पारदर्शी उपयोग के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री ने (CM Vishnu Deo Sai Sushasan Tihar) अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी नागरिक को पेयजल के लिए भटकना न पड़े और जहां आवश्यकता हो, वहां टैंकर के माध्यम से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने गर्मी और बारिश के बीच संभावित मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए अग्रिम तैयारी करने को कहा, साथ ही किसानों के लिए धान, बीज और खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

 

कलेक्टरों को ये निर्देश

मुख्यमंत्री ने (CM Vishnu Deo Sai Sushasan Tihar) अधिकारियों के आचरण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि आम जनता के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए, उनकी समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुना जाए और समय पर समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिया कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों के कार्यों का नियमित मूल्यांकन करें और आवश्यकता पड़ने पर कठोर कार्रवाई से भी न हिचकें।

बैठक में जिले की प्रभारी मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद सरगुजा चिंतामणि महाराज, विधायक सामरी उद्देश्वरी पैकरा, विधायक प्रतापपुर श्रीमती शकुंतला पोर्ते तथा जिला पंचायत अध्यक्ष हीरामुनि निकुंज सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री ने सड़कों को लेकर क्या निर्देश दिए?

उन्होंने कहा कि बारिश से पहले सभी सड़कें ठीक होनी चाहिए और कहीं भी लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए।

किस अधिकारी को फटकार लगाई गई?

लोक निर्माण विभाग (PWD) के एक अधिकारी को गलत जानकारी देने पर फटकार लगाई गई।

“सेवा तीर्थ” का क्या मतलब है?

इसका मतलब है कि सरकारी कार्यालय जनता की सेवा का स्थान हैं, जहां काम को सेवा भाव से करना चाहिए।

कलेक्टरों को क्या जिम्मेदारी दी गई?

उन्हें अपने अधीनस्थ अधिकारियों के काम का मूल्यांकन करने और जरूरत पड़ने पर सख्त कार्रवाई करने को कहा गया।

इस बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या था?

विकास कार्यों की समीक्षा करना और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करना।