CG High Court Decision: सरकारी कर्मचारी की मौत के बाद क्या बहन को मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति? HC ने सुनाया बड़ा फैसला, राज्य सरकार को दिए ये निर्देश

CG High Court Decision: सरकारी कर्मचारी की मौत के बाद क्या बहन को मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति? HC ने सुनाया बड़ा फैसला, राज्य सरकार को दिए ये निर्देश

CG High Court Decision: सरकारी कर्मचारी की मौत के बाद क्या बहन को मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति? HC ने सुनाया बड़ा फैसला, राज्य सरकार को दिए ये निर्देश

CG High Court Decision: सरकारी कर्मचारी की मौत के बाद क्या बहन को मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति? HC ने सुनाया बड़ा फैसला, राज्य सरकार को दिए ये निर्देश

Modified Date: August 6, 2026 / 03:54 pm IST
Published Date: August 6, 2026 3:52 pm IST
HIGHLIGHTS
  • छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शादीशुदा बहन को अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार माना
  • सरकार द्वारा आवेदन खारिज करने का आदेश रद्द, 4 सप्ताह में नया फैसला देने के निर्देश
  • अदालत ने कहा—सिर्फ विवाहित होने के आधार पर महिला को अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकता

बिलासपुर। CG High Court Decision: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण अनुकंपा नियुक्ति के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि अविवाहित सरकारी कर्मचारी की मृत्यु के बाद शादीशुदा बहन भी अनुकंपा नियुक्ति की हकदार है। सिर्फ वैवाहिक स्थिति और पूर्वाग्रह के आधार पर किसी महिला को उसके संवैधानिक अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकता है।

दरअसल बिलासपुर के नेहरूनगर निवासी दुर्गेश मिश्रा जो कि लोक अभियोजन अधिकारी थे की मृत्यु बीते 13 जून 2018 को हुई थी। मृतक अविवाहित थे। इस आधार पर उनकी शादीशुदा बहन अमिता दुबे ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन दिया। जिसे गृह एवं सामान्य प्रशासन विभाग ने 19 सितंबर 2019 को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि अनुकंपा नीति में विवाहित बहन की नियुक्ति का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है। जिससे नाराज आवेदिका हाईकोर्ट पहुंची और नियुक्ति नीति का हवाला देते हुए कहा कि अविवाहित शासकीय सेवक के निधन पर शादीशुदा बेटी भी माता पिता के अनुशंसा के उपरांत अनुकंपा नियुक्ति के लिए अधिकृत है।

4 सप्ताह में नया आदेश जारी करने के निर्देश

याचिकाकर्ता पक्ष के इस तर्क पर हाईकोर्ट ने मुहर लगाते हुए शासन के नियुक्ति ना देने के आदेश को निरस्त कर दिया और 4 सप्ताह के भीतर याचिकाकर्ता के पक्ष में नया आदेश जारी करने का ऑर्डर जारी किया है।

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.