शह मात The Big Debate: ‘कलश वंदन’ का आगाज.. विपक्ष क्यों नाराज? संत रविदास के नाम सरकार ने की अहम घोषणाएं, कांग्रेस के पास कलश वंदन का क्या है तोड़?

CG Kalash Vandan Abhiyan: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सरकार ने प्रदेश स्तरीय भव्य कलश वंदन अभियान का शुभारंभ किया।

शह मात The Big Debate: ‘कलश वंदन’ का आगाज.. विपक्ष क्यों नाराज? संत रविदास के नाम सरकार ने की अहम घोषणाएं, कांग्रेस के पास कलश वंदन का क्या है तोड़?

CG Kalash Vandan Abhiyan/Image Credit: IBC24.in

Modified Date: August 4, 2026 / 11:39 pm IST
Published Date: August 4, 2026 11:38 pm IST
HIGHLIGHTS
  • रायपुर में सरकार ने प्रदेश स्तरीय भव्य कलश वंदन अभियान का शुभारंभ किया।
  • अभियान में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, मंत्री, भाजपा संगठन के पदाधिकारी, साधु-संत और कई समाज के प्रतिनिधि शामिल हुए।
  • संत रविदास की जन्मस्थली वाराणसी से लाई गई पवित्र मिट्टी और जल के कलशों का पूजन किया गया।

CG Kalash Vandan Abhiyan: रायपुर: रायपुर में प्रदेश स्तरीय भव्य कलश वंदन अभियान में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, मंत्री, भाजपा संगठन के पदाधिकारी, साधु-संत और कई समाज के प्रतिनिधि शामिल हुए। संत रविदास की जन्मस्थली वाराणसी से लाई गई पवित्र मिट्टी और जल के कलशों का पूजन किया गया। भाजपा ने 36 संगठनात्मक जिलों के लिए 36 रथ तैयार किए हैं, जो इन कलशों को लेकर जिले के लिए रवाना हुए। फिर इसे मंडल और गांवों तक लेकर जाएंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने कई घोषणाएं करते हुए कि अब माघी पूर्णिमा पर संत रविदास जयंती के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश रहेगा। इस दिन मांस और मदिरा दुकानें बंद रहेगी। संत रविदास के नाम पर राज्य अलंकरण पुरस्कार शुरू किया जाएगा।

बीजेपी इस पूरे अभियान को सामाजिक समरसता और संत रविदास के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास बता रही है। (CG Kalash Vandan Abhiyan) लेकिन राजनीतिक जानकार इसे आगामी चुनावों की रणनीति के तौर पर भी देख रहे हैं। उत्तर प्रदेश और पंजाब जैसे राज्यों में रविदास समाज कई सीटों पर प्रभावशाली माना जाता है, वहीं छत्तीसगढ़ में भी बीजेपी अनुसूचित जाति वर्ग के बीच अपनी पकड़ और मजबूत करने की कोशिश में जुटी दिखाई दे रही है। वहीं कांग्रेस ने इस अभियान पर कहा बीजेपी संत रविदास के नाम पर राजनीति कर रही है और चुनावी लाभ लेने की कोशिश कर रही है।

CG Kalash Vandan Abhiyan: संत रविदास के विचारों को लेकर सामाजिक संदेश और राजनीतिक संदेश—दोनों साथ-साथ चलते दिखाई दे रहे हैं। बीजेपी इसे समरसता का अभियान बता रही है, जबकि विपक्ष इसे चुनावी रणनीति करार दे रहा है। ऐसे में सवाल यही है कि क्या संत रविदास की विरासत सामाजिक चेतना का माध्यम बनेगी या फिर चुनावी राजनीति का मुद्दा?

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