CG Politics On Former Naxalites/Image Credit: IBC24
CG Politics On Former Naxalites: रायपुर: छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के लिए राज्य सरकार ने आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025 लागू की, जिसका उद्देश्य हिंसा का रास्ता छोड़ चुके नक्सलियों और उनके परिवारों को शिक्षा, कौशल, रोजगार और स्वरोजगार के जरिए मुख्यधारा से जोड़ना है। इसी क्रम में राज्य सरकार तय किया है कि अगर कोई निजी संस्थान छत्तीसगढ़ के आत्मसमर्पित नक्सली को स्थायी नौकरी देता है, तो सरकार उसके नेट वेतन या मजदूरी का 40% तक प्रतिपूर्ति करेगी। ये सहायता अगले 5 साल तक और अधिकतम पांच लाख रुपये सालाना की सीमा तक होगी। इसके अलावा देश-विदेश के निवेशकों को राज्य में उद्योग लगाने के लिए आमंत्रण के साथ ही प्रदेश की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के तहत मिलने वाले प्रोत्साहन की जानकारी के साथ-साथ आत्मसमर्पित नक्सलियों को रोजगार देने वाले उद्योगों के लिए इस एक्सट्रा रोजगार सब्सिडी का भी जिक्र किया जा रहा है।
प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा का दावा है कि हम सरेंडर नक्सलियों को नौकरी देने वाले उद्योगों को, 5 साल तक 40% सैलरी देकर, आत्मसमर्पित नक्सलियों के पक्के पुनर्वास का प्रबंध कर रहे हैं। (CG Politics On Former Naxalites) हालांकि कांग्रेस को बीजेपी सरकार का ये कदम रास नहीं आ रहा है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा, जिस राज्य में एक लाख से ज्यादा डिग्रीधारी युवा, नौकरी के लिए भटक रहे हैं वहां आत्मसमर्पित नक्सलियों को नौकरी देने का दावा पूरा होगा?
CG Politics On Former Naxalites: छत्तीसगढ़ की बीेजेपी सरकार नक्सलवाद के खात्मे के सबसे बड़ी उपलब्धि बताती है। अब आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास का पक्का इंतजाम से सरकार, इस समस्या का स्थाई समाधान देने का दावा करती है। कांग्रेस दावे के कागजी बताते हुए इसकी व्यवहारिकता पर अभी से सवाल उठा रही है। सवाल ये है कि उद्योग सरकार के इस ऑफर को कैसे लेते हैं और कितने आत्मसमर्पित नक्सलियों को रोजगार देते हैं?
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