अवैध रास्ते से अमेरिका रवाना हुए गुजरात के तीन लोग लापता, इथियोपिया में अगवा किए जाने का दावा

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अवैध रास्ते से अमेरिका रवाना हुए गुजरात के तीन लोग लापता, इथियोपिया में अगवा किए जाने का दावा

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  • Publish Date - September 29, 2026 / 11:25 PM IST,
    Updated On - September 29, 2026 / 11:25 PM IST

मेहसाणा, 29 सितंबर (भाषा) गुजरात के तीन लोग कथित तौर पर अवैध रास्ते से अमेरिका जाने के लिए रवाना होने के बाद इथियोपिया में लापता हो गए।

लापता लोगों के परिजनों ने दावा किया कि तीनों का इथियोपिया में अपहरण कर लिया गया और अपहरणकर्ताओं ने उनकी रिहाई के लिए एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगी है।

लापता तीनों लोग आपस में रिश्तेदार हैं।

लापता लोगों की पहचान मेहसाणा के वडसमा गांव निवासी रुत्विक जंसारी, मेहसाणा की मूल निवासी और वर्तमान में अहमदाबाद में रह रही ममता चावड़ा तथा गांधीनगर निवासी मयूरी के रूप में हुई है।

परिजनों ने बताया कि तीनों कुछ एजेंटों के माध्यम से 20 सितंबर को अमेरिका जाने के लिए रवाना हुए थे।

उन्होंने सरकार से हस्तक्षेप कर तीनों को सुरक्षित वापस लाने की गुहार लगाई है। ममता के पिता किरीटभाई चौहान ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा कि परिवार ने तीनों को अमेरिका भेजने के लिए एजेंट को प्रति व्यक्ति करीब 70 लाख रुपये दिए थे।

उन्होंने दावा किया कि इथियोपिया पहुंचने के बाद तीनों को बंधक बना लिया गया और अपहरणकर्ताओं ने उनकी रिहाई के लिए एक करोड़ रुपये की मांग की। चौहान ने कहा, ‘‘उन्हें अमेरिका भेजने के लिए हमने पहले ही बहुत बड़ी रकम दे दी है। हमारे पास अब कुछ नहीं बचा है और हम असहाय हैं। हम सरकार से अनुरोध करते हैं कि हमारे तीनों बच्चों को सुरक्षित वापस लाया जाए।’’

रुत्विक के दादा कानुभाई जंसारी ने भी दावा किया कि अपहरणकर्ताओं ने तीनों की रिहाई के लिए एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगी है और 60 लाख रुपये पहले ही दिए जा चुके हैं।

उन्होंने इस संबंध में कोई अन्य जानकारी नहीं दी।

एक स्थानीय एजेंट अल्पेश पांचाल ने भी संवाददाताओं से कहा कि अफ्रीकी देश में तीनों का अपहरण करने वालों ने एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगी है।

पुलिस ने बताया कि तीनों के लापता होने की सूचना मिली है और 22 सितंबर के बाद से उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।

मेहसाणा जिले के लांघणज थाने के निरीक्षक ए. एम. गहलोत ने बताया कि ममता के पिता ने मंगलवार को गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।

गहलोत के अनुसार, शिकायत में कहा गया है कि ममता के पति चिराग कुमार करीब छह महीने पहले छात्र वीजा पर अमेरिका गए थे।

उन्होंने बताया कि ममता ने कथित तौर पर अमेरिकी वीजा हासिल करने के लिए कई बार प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सकीं, जिसके बाद उनके परिवार ने अवैध रास्ते से उन्हें अमेरिका भेजने की व्यवस्था के लिए बिचौलियों से संपर्क किया। अधिकारी ने बताया कि इस यात्रा के लिए कथित तौर पर प्रति व्यक्ति 70 लाख रुपये तय किए गए थे और ममता, रुत्विक तथा मयूरी 20 सितंबर को अपने घरों से रवाना हुए थे।

गहलोत ने कहा, ‘‘किरीटभाई ने 22 सितंबर को अपनी बेटी ममता से बात की थी। इसके बाद उससे कोई संपर्क नहीं हो पाया। परिवार के सदस्यों द्वारा तीनों से संपर्क करने में असफल रहने के बाद लांघणज थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई।’’

परिजनों के अनुसार, तीनों ने मेहसाणा जिले के एक एजेंट की मदद से यात्रा की थी, जिसने कथित तौर पर उन्हें वडोदरा के एक अन्य एजेंट से मिलवाया था।

भाषा संतोष जितेंद्र

जितेंद्र