छत्तीसगढ़: बीजापुर में 103 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया

छत्तीसगढ़: बीजापुर में 103 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया

छत्तीसगढ़: बीजापुर में 103 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया
Modified Date: October 2, 2025 / 07:32 pm IST
Published Date: October 2, 2025 7:32 pm IST

बीजापुर, दो अक्टूबर (भाषा) छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में 103 माओवादियों ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। पुलिस अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले 49 माओवादियों पर कुल 1.63 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। हथियार डालने वाले माओवादियों में 22 महिलाएं भी शामिल हैं।

अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों में शामिल डिविजनल कमेटी सदस्य लच्छु पूनेम ऊर्फ संतोष (36), प्लाटून पार्टी कमेटी सदस्य गुड्डू फरसा उर्फ विजय (30), भीमा सोढी उर्फ कमल सिंह (45), कंपनी नंबर 10 की पार्टी सदस्या हिडमे फरसा उर्फ मीना (26) और कंपनी नंबर एक की पार्टी सदस्या सुखमती ओयाम (27) पर आठ-आठ लाख रुपये का इनाम घोषित था।

उन्होंने बताया कि इनके अलावा आत्मसमर्पण करने वाले चार माओवादियों के पर पांच-पांच लाख रुपये, 15 माओवादियों पर दो-दो लाख रुपये, 10 माओवादियों पर एक-एक लाख रुपये, 12 माओवादियों पर 50-50 हजार रुपये और तीन माओवादियों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित था।

अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों में डिविजनल कमेटी सदस्य, प्लाटून पार्टी कमेटी सदस्य, एरिया कमेटी सदस्य, प्लाटून पार्टी सदस्य, दंडकारण्य आदिवासी किसान मजदूर संगठन के अध्यक्ष, मिलिशिया कमांडर, डिप्टी कमांडर और जनताना सरकार अध्यक्ष जैसे पदों पर काम करने वाले माओवादी भी शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि अंदरूनी क्षेत्रों में नवीन सुरक्षा शिविरों की स्थापना के साथ शासन की विकासोन्मुखी कार्य सड़कों का विस्तार, परिवहन की सुविधा, पानी, बिजली और शासन की अन्य जनकल्याणकारी योजना ग्रामीणों तक पहुंचने लगी है।

अधिकारियों ने दावा किया कि सुरक्षाबलों का ग्रामीणों के साथ हो रहे सकारात्मक संवाद, सामुदायिक पुलिसिंग के तहत दी जा रही जनकल्याकारी योजनाओं की जानकारी और राज्य शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के व्यापक प्रचार प्रसार से माओवादियों का संगठन से मोहभंग हुआ है।

उन्होंने बताया कि प्रतिबंधित संगठनों के भीतर बढ़ते आंतरिक मतभेद के कारण माओवादियों ने समाज की मुख्यधारा में जुड़कर सुरक्षित पारिवारिक जीवन जीने के लिए आत्मसमर्पण किया है।

अधिकारियों ने बताया कि हाल के महीनों में मुठभेड़ों में माओवादी संगठनों के शीर्ष नेताओं के मारे जाने और संगठन छोड़ कर मुख्यधारा में शामिल होने से संगठन की रणनीतिक क्षमता पर गहरा असर पड़ा है। विशेष रूप से रेवोल्यूशनरी पीपुल्स कमेटी (आरपीसी) के सदस्य बड़ी संख्या में मुख्यधारा में लौटने का निर्णय ले रहे हैं।

उन्होंने दावा किया कि आरपीसी में नेतृत्वहीनता और दिशाहीनता, सुरक्षा बलों की प्रभावी रणनीति, पुनर्वास नीति की पारदर्शिता और भरोसेमंद क्रियान्वयन और परिवार और समाज से पुनः जुड़ने की इच्छा ने इन्हे मुख्यधारा में लौटने की दिशा दी है ।

अधिकारियों ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा लागू की गई नक्सल उन्मूलन नीति और ‘नियद नेल्लानार’ योजना ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में जुड़ने वाले सभी माओवादियों को प्रोत्साहन स्वरूप 50-50 हजार रुपये का चेक प्रदान किया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि एक जनवरी 2025 से अब तक 421 माओवादी गिरफ्तार किसे गए हैं और अन्य 410 माओवादियो ने आत्मसमर्पण किया है। वहीं जिले में अलग-अलग मुठभेड़ में कुल 137 माओवादी मारे गए हैं।

उन्होंने बताया कि एक जनवरी 2024 से अब तक माओवादी घटनाओं में संलिप्त 924 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है जबकि 599 अन्य माओवादियो ने आत्मसमर्पण किया है। वहीं इस अवधि के दौरान जिले में अलग-अलग मुठभेड़ों में कुल 195 माओवादी मारे गए हैं।

भाषा सं संजीव राजकुमार धीरज

धीरज


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