छत्तीसगढ़ विस्फोट: जान गंवाने वाले दो पुलिसकर्मियों के परिवार ने उनके विवाह का देखा था सपना

छत्तीसगढ़ विस्फोट: जान गंवाने वाले दो पुलिसकर्मियों के परिवार ने उनके विवाह का देखा था सपना

छत्तीसगढ़ विस्फोट: जान गंवाने वाले दो पुलिसकर्मियों के परिवार ने उनके विवाह का देखा था सपना
Modified Date: May 3, 2026 / 05:49 pm IST
Published Date: May 3, 2026 5:49 pm IST

कांकेर, तीन मई (भाषा) छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में हुए एक विस्फोट में जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों में शामिल कांस्टेबल संजय गढ़पाले (29) की सगाई कुछ ही सप्ताह पहले हुई थी जबकि उनका विवाह जनवरी में होना था।

कांकेर जिले के छोटेबेठिया पुलिस थाना क्षेत्र अंतर्गत अदनार गांव के पास शनिवार को एक जंगल में माओवादियों द्वारा पहले से छिपाए गए बारूद के एक ढेर को नष्ट करने की कोशिश के दौरान हुए धमाके में चार पुलिसकर्मियों की मृत्यु हो गई थी। इन चार कर्मियों में गढ़पाले भी शामिल थे।

छत्तीसगढ़ राज्य को 31 मार्च को सशस्त्र माओवादियों से मुक्त घोषित किए जाने के बाद से यह नक्सलियों से जुड़ा पहला विस्फोट था और साथ ही इस वर्ष की यह पहली घटना थी जिसमें नक्सल रोधी अभियानों में लगे सुरक्षाकर्मियों ने अपनी जान गंवा दी।

चरमा क्षेत्र के हरदुला गांव निवासी गढ़पाले 2022 में पुलिस बल में शामिल हुए थे और तब से राज्य पुलिस की इकाई बस्तर फाइटर्स के हिस्से के रूप में नक्सल रोधी अभियानों में सक्रिय रूप से शामिल थे।

शनिवार को शाम करीब चार बजे पुलिस की एक टीम गढ़पाले के घर आई और परिवार को उनकी मृत्यु की सूचना दी। कांस्टेबल के शोक संतप्त पिता सुरेश गढ़पाले ने बताया, ‘‘उसकी सगाई 15 अप्रैल को हुई थी और हम सब बहुत खुश थे। हम जनवरी में उसके विवाह की योजना बना रहे थे। मुझे अपने बेटे पर गर्व है, लेकिन अब हमारे सपनों को कौन पूरा करेगा?’’

वहीं दुर्गकोंडल में कांस्टेबल कृष्णा कोमरा की मां उस आखिरी फोन कॉल को याद करती भावुक हो जाती हैं जो उन्होंने जंगल में अभियान पर जाने से कुछ समय पहले किया था। कोमरा की मां देवकी बाई ने भावुक आवाज में कहा, ‘‘उसने फोन करके पूछा, ‘मां, कैसी हो? घर पर सब ठीक है?’ ’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम अगले साल उसकी शादी की योजना बना रहे थे। हमने उसके लिए दुल्हन भी ढूंढ ली थी।’’

तीन भाई-बहनों में सबसे बड़े कोमरा (35) 2011 में पुलिस में शामिल हुए थे, जबकि उनके छोटे भाई भारतीय सेना में सेवारत हैं।

कोमरा के दोस्त पुरुषोत्तम देहारी ने कहा, ‘‘गांव में सभी लोग उसे पसंद करते थे। पूरा समुदाय उसकी शादी के जश्न का बेसब्री से इंतजार कर रहा था, लेकिन इस घटना ने सब कुछ बदल दिया।’’

कांकेर जिले में शनिवार को हुए विस्फोट में जान गंवाने वाले कर्मियों में नरहरपुर क्षेत्र के बारेथिन गांव निवासी कांस्टेबल परमानंद कोर्रम (29) भी शामिल थे।

कोर्रम और गढ़पाले संयोगवश फरवरी 2022 में एक ही दिन बस्तर फाइटर्स में भर्ती हुए थे और एकसाथ जान गंवायी।

बीजापुर जिले के चिहका गांव के निवासी एवं जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के इंस्पेक्टर सुखराम वट्टी (40) इस दुखद घटना में जान गंवाने वाले चौथे पुलिसकर्मी थे।

चारों पुलिसकर्मियों के पैतृक गांवों में शोक का माहौल है, जहां बड़ी संख्या में लोग उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए एकत्रित हुए।

इससे पहले दिन में, नारायणपुर जिले के पुलिस लाइंस में तीनों कर्मियों को पुष्पांजलि अर्पित की गई, जबकि परमानंद कोर्रम को कांकेर में अंतिम श्रद्धांजलि दी गई।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, जन प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी।

भाषा अमित रंजन

रंजन


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