छत्तीसगढ़: कांग्रेस ने एसआईआर के दौरान 19 लाख नाम काटे जाने का आरोप लगाया

छत्तीसगढ़: कांग्रेस ने एसआईआर के दौरान 19 लाख नाम काटे जाने का आरोप लगाया

छत्तीसगढ़: कांग्रेस ने एसआईआर के दौरान 19 लाख नाम काटे जाने का आरोप लगाया
Modified Date: March 19, 2026 / 08:43 pm IST
Published Date: March 19, 2026 8:43 pm IST

रायपुर, 19 मार्च (भाषा) छत्तीसगढ़ विधानसभा में बृहस्पतिवार को मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान मतदाता सूची से 19 लाख से अधिक नाम हटा दिए गए।

पार्टी ने इस मुद्दे पर चर्चा की मांग करते हुए स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया।

जब पीठासीन सभापति ने उनकी मांग खारिज कर दी, तब कांग्रेस सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन कर दिया।

शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा कि मतदाता सूची से 19.13 लाख से अधिक नाम हटा दिए गए हैं।

महंत ने कहा, ”जिनके नाम काटे गए हैं, वे छत्तीसगढ़ के ही लोग हैं। वे राज्य के ही निवासी हैं, लेकिन उनके बारे में कोई जानकारी नहीं है कि वे कहां हैं।”

महंत को टोकते हुए भाजपा के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि यह मुद्दा राज्य विधानसभा के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है और इसे सदन के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किया जाना चाहिए।

हालांकि, महंत ने अपनी चिंता दोहराते हुए कथित तौर पर इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं के अचानक गायब होने पर सवाल उठाया।

उन्होंने स्थगन प्रस्ताव का नोटिस देकर इस मुद्दे पर चर्चा की मांग करते हुए कहा, ”क्या 19 लाख लोग गायब हो गए हैं? क्या उनकी मौत हो गई है? या वे राज्य छोड़कर चले गए हैं? जब इतने सारे लोग लापता हैं, तो क्या यह कोई मुद्दा नहीं है? न तो पुलिस और न ही सरकार इस बारे में चिंतित नजर आती है।”

इसके बाद चंद्राकर ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया में राज्य सरकार की कोई भूमिका नहीं होती, क्योंकि यह प्रक्रिया एक एक संवैधानिक संस्था कराती है।

उन्होंने कहा कि किसी संवैधानिक संस्था के कामकाज पर विधायिका में चर्चा नहीं की जा सकती है।

भाजपा विधायक धरमजीत सिंह ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल के पास उठाने के लिए ठोस मुद्दे नहीं हैं, इसलिए वह इस मुद्दे को उठा रही है।

पीठासीन सभापति ने स्थगन प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया और कहा कि यह मामला भारत निर्वाचन आयोग से संबंधित है।

इस फैसले से असंतुष्ट होकर कांग्रेस सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन कर दिया।

भाषा संजीव जोहेब

जोहेब


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