छत्तीसगढ़ में गुरु घासीदास-तमोर पिंगला बाघ अभयारण्य गठित करने का फैसला

छत्तीसगढ़ में गुरु घासीदास-तमोर पिंगला बाघ अभयारण्य गठित करने का फैसला

छत्तीसगढ़ में गुरु घासीदास-तमोर पिंगला बाघ अभयारण्य गठित करने का फैसला
Modified Date: August 7, 2024 / 06:26 pm IST
Published Date: August 7, 2024 6:26 pm IST

रायपुर, सात अगस्त (भाषा) छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के उत्तरी क्षेत्र में गुरु घासीदास-तमोर पिंगला बाघ अभयारण्य गठित करने का फैसला किया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां उनके निवास कार्यालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में गुरु घासीदास-तमोर पिंगला बाघ अभयारण्य गठित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।

उन्होंने बताया कि राज्य वन्यजीव बोर्ड की बैठक की अनुशंसा और भारत सरकार के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के राष्ट्रीय व्याघ्र संरक्षण प्राधिकरण की सहमति के तहत इस बाघ अभयारण्य का गठन किया जा रहा है।

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अधिकारियों के मुताबिक, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया, सूरजपुर एवं बलरामपुर जिलों में स्थित गुरूघासीदास राष्ट्रीय उद्यान तथा तमोर पिंगला अभयारण्य के क्षेत्रों को सम्मिलित करते हुए 2829.387 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में गुरूघासीदास-तमोर पिंगला बाघ अभयारण्य अधिसूचित करने का निर्णय लिया गया है।

उन्होंने बताया कि इसके गठन की आगे की कार्यवाही के लिए वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को अधिकृत किया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि बाघ अभयारण्य के गठन से राज्य में ईको-पर्यटन का विकास होगा साथ ही कोर एवं बफर क्षेत्र में स्थित ग्रामीणों के लिए गाईड, पर्यटक वाहन व रिजॉर्ट संचालन के साथ ही विभिन्न प्रकार के रोजगार सृजित होंगे।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय बाघ परियोजना से अतिरिक्त बजट प्राप्त होगा, ताकि क्षेत्र के गांवों में आजीविका विकास के नए कार्य किए जा सकें।

भाषा संजीव नोमान

नोमान


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