छत्तीसगढ़ सरकार ने मंडी शुल्क में छूट की अवधि एक साल बढ़ाई

छत्तीसगढ़ सरकार ने मंडी शुल्क में छूट की अवधि एक साल बढ़ाई

छत्तीसगढ़ सरकार ने मंडी शुल्क में छूट की अवधि एक साल बढ़ाई
Modified Date: January 10, 2026 / 06:21 pm IST
Published Date: January 10, 2026 6:21 pm IST

रायपुर, 10 जनवरी (भाषा) छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में चावल निर्यातकों को बड़ी सौगात देते हुए मंडी शुल्क में छूट की अवधि एक साल के लिए बढ़ा दी है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर में आयोजित ‘इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट’ में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने चावल निर्यातकों को बड़ी सौगात देते हुए मंडी शुल्क में छूट की अवधि एक साल बढ़ा दी।

उन्होंने बताया कि इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट के दौरान मुख्यमंत्री साय ने कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के क्षेत्रीय कार्यालय की भी शुरुआत की।

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साय ने कहा कि वर्तमान समय में जैविक उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है और दंतेवाड़ा में जैविक चावल की खेती हो रही है, जिसे और प्रोत्साहन देने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा, ‘‘इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट का यह दूसरा संस्करण अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस आयोजन में 12 देशों के खरीदार तथा छह देशों के दूतावास के प्रतिनिधिमंडल की उपस्थिति से छत्तीसगढ़ को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने में मदद मिलेगी।”

उन्होंने छत्तीसगढ़ में सभी विदेशी मेहमानों का स्वागत किया और कहा, ”हमारे पूर्वजों ने छत्तीसगढ़ को सोच-समझकर ‘धान का कटोरा’ कहा था और आज प्रदेश इस नाम की सार्थकता सिद्ध कर रहा है। चावल छत्तीसगढ़ के खानपान का अभिन्न हिस्सा रहा है और यहां हजारों किस्म की धान की प्रजातियां उगाई जाती है।”

सरगुजा अंचल के सुगंधित जीराफूल और दुबराज जैसे चावलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इनकी खुशबू दूर से ही पहचान में आ जाती है। छतीसगढ़ से चावल के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। चावल निर्यातक लंबे समय से मंडी शुल्क में छूट की मांग कर रहे थे।

साय ने कहा कि राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति के अंतर्गत लघु उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे चावल के प्रसंस्करण और निर्यात को मजबूती मिलेगी।

छत्तीसगढ़ से वर्तमान में लगभग 90 देशों को करीब एक लाख टन चावल का निर्यात किया जा रहा है। सरकार निर्यातकों के सहयोग के लिए सदैव तत्पर है।

उन्होंने बताया कि राज्य में किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। पिछले वर्ष 149 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई थी और इस वर्ष भी खरीदी में वृद्धि की संभावना है।

अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्र और राज्य शासन द्वारा किसानों के हित में संचालित योजनाओं की जानकारी भी साझा की।

भाषा संजीव संतोष

संतोष


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