छत्तीसगढ़ सरकार पात्र आरोपियों की रिहाई के लिए ‘कम गंभीर’ माओवादी मामलों की समीक्षा करेगी
छत्तीसगढ़ सरकार पात्र आरोपियों की रिहाई के लिए ‘कम गंभीर’ माओवादी मामलों की समीक्षा करेगी
रायपुर, 11 जुलाई (भाषा) छत्तीसगढ़ सरकार ने माओवादी गतिविधियों से जुड़े उन ‘‘कम गंभीर’’ मामलों में जेल में बंद लोगों की रिहाई का मार्ग प्रशस्त करने के लिए कानूनी समीक्षा का आदेश दिया है, जिनमें जनहानि जैसी कोई वारदात शामिल नहीं थी। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, राज्य के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने शुक्रवार को माओवाद प्रभावित इलाकों में राहत, पुनर्वास और विकास कार्यों को लेकर पुलिस विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए ये निर्देश जारी किए।
शर्मा ने अधिकारियों से कहा कि वे कानून विभाग की मदद से सरकारी वकीलों और अभियोजकों की एक टीम बनाएं, जो जरूरी कानूनी जांच-पड़ताल के बाद माओवाद-संबंधी उन मामलों को वापस लेने पर विचार करे जो इसके लिए योग्य हैं।
इस साल 31 मार्च को छत्तीसगढ़ को हथियारबंद माओवादियों से मुक्त घोषित किया गया।
बयान में कहा गया है कि पूर्व में माओवाद से बुरी तरह प्रभावित रहे इलाकों में विकास की रफ्तार बढ़ाने के लिए, राज्य सरकार हर उस गांव में एक करोड़ रुपये के विकास कार्यों को मंजूरी देगी जिसने खुद को नक्सली प्रभाव से मुक्त घोषित करने का प्रस्ताव पारित किया है।
इसमें कहा गया है कि अभी ऐसे 50 गांवों की पहचान की गई है, जिनमें सुकमा और बीजापुर जिलों में से प्रत्येक में 20-20 और नारायणपुर जिले में 10 गांव शामिल हैं।
भाषा शफीक पवनेश
पवनेश

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