रायपुर, 25 जून (भाषा) छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में बहुमंजिला भवनों, कोचिंग संस्थानों, होटलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा एवं विशेष ऑडिट कराने का निर्णय लिया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बहुमंजिला आवासीय परिसरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, कोचिंग संस्थानों, होटलों और अन्य सार्वजनिक उपयोग के भवनों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा व विशेष ऑडिट के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में हुई अग्नि दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने ऐसी घटनाओं से सबक लेकर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नागरिकों, विद्यार्थियों और आमजन की सुरक्षा से जुड़ा हर विषय शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों और प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
अधिकारियों के अनुसार, मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्य सचिव विकास शील ने सभी संभागीय आयुक्तों, जिलाधिकारियों, नगर निगम आयुक्तों, मुख्य नगरपालिका अधिकारियों, अग्निशमन विभाग तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को विशेष निरीक्षण अभियान संचालित करने के निर्देश जारी किए हैं।
इस अभियान के तहत बहुमंजिला आवासीय भवनों, कोचिंग केंद्रों, ट्यूशन, होटल, लॉज, मॉल, व्यावसायिक परिसरों और अन्य सार्वजनिक भवनों की सुरक्षा व्यवस्थाओं का विस्तृत परीक्षण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘विद्यार्थियों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन की जिम्मेदारी है। इसलिए सभी संबंधित संस्थानों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित किया जाए।’’ अधिकारियों ने बताया कि निरीक्षण के दौरान अग्निशमन यंत्रों और अन्य अग्नि सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता, वैध अग्नि अनापत्ति प्रमाण-पत्र (फायर एनओसी), आपातकालीन निकास मार्गों की व्यवस्था, भवनों की संरचनात्मक सुरक्षा, विद्युत वायरिंग और उपकरणों की स्थिति, सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था, प्राथमिक उपचार सुविधाओं तथा पेयजल एवं स्वच्छता व्यवस्था सहित अन्य सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी।
उन्होंने बताया कि भवनों की क्षमता के अनुरूप लोगों की संख्या, पार्किंग व्यवस्था तथा आपदा की स्थिति में निकासी और राहत प्रबंधन की तैयारियों का भी जायजा लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों के संबंध में संबंधित संस्थानों को आवश्यक सुधार के लिए निर्देश दिए जाएं और गंभीर अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
भाषा संजीव मनीषा जितेंद्र
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