Kisano ke Liye Khushkhabri: छत्तीसगढ़ के किसानों को मिलेंगे प्रति एकड़ 15000 रुपए, धान का सीजन शुरू होने से पहले आई बड़ी खुशखबरी, अन्नदाताओं को समृद्ध बनाने साय सरकार की खास योजना

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Kisano ke Liye Khushkhabri: छत्तीसगढ़ के किसानों को मिलेंगे प्रति एकड़ 15000 रुपए, धान का सीजन शुरू होने से पहले आई बड़ी खुशखबरी, अन्नदाताओं को समृद्ध बनाने साय सरकार की खास योजना

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  • Publish Date - June 25, 2026 / 09:09 AM IST,
    Updated On - June 25, 2026 / 09:09 AM IST

Kisano ke Liye Khushkhabri: छत्तीसगढ़ के किसानों को मिलेंगे प्रति एकड़ 15000 रुपए, धान का सीजन शुरू होने से पहले आई बड़ी खुशखबरी, अन्नदाताओं को समृद्ध बनाने साय सरकार की खास योजना / Image: AI Generated

HIGHLIGHTS
  • धान के बजाय दूसरी फसल पर बड़ा प्रोत्साहन
  • दलहन, तिलहन और मक्का की खेती को बढ़ावा
  • पंजीकृत किसानों को मिलेगा लाभ

रायपुर: Kisano ke Liye Khushkhabri छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से एक बड़ा कदम उठाया है। वर्ष 2026 में कृषक उन्नति योजना के तहत धान के स्थान पर अन्य लाभकारी फसलें लेने वाले किसानों के लिए भारी वित्तीय सहायता की घोषणा की गई है। इस योजना के अंतर्गत जो किसान धान के बदले अन्य फसलें अपनाएंगे, उन्हें 15 हज़ार रुपए प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। वहीं खरीफ वर्ष 2026 में दलहन, तिलहन, मक्का और मोटे अनाजों (मिलेट्स) की खेती करने वाले कृषकों को 10 हज़ार रुपए प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता प्रदान की जाएगी।
इन फसलों को मिलेगा योजना का लाभ

किसानों को 15 हज़ार रुपए प्रति एकड़

Kisano ke Liye Khushkhabri सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रोत्साहन राशि का लाभ अरहर, उड़द, मूंगफली और तिल फसलों के उत्पादन पर मिलेगा। इसी तरह मक्का, रागी और लघु धान्य जैसे कोदो-कुटकी भी शामिल किया गया है। इस विशेष योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा, जो एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीकृत हैं और अपनी उपज (धान) सहकारी समितियों के माध्यम से बेचते हैं। इसके अतिरिक्त, डिजिटल क्रॉप सर्वे/गिरदावरी के माध्यम से रकबे (भूमि क्षेत्र) की पुष्टि होने के बाद ही मान्य रकबे पर सहायता राशि का भुगतान किया जाएगा।
हजारों किसानों को मिला लाभ

कृषक उन्नति योजना तहत होगा भुगतान

गत वर्ष 2025 में इस योजना के सफल क्रियान्वयन के चलते अकेले सारंगढ़- बिलाईगढ़ जिले में ही बड़े पैमाने पर किसानों को लाभान्वित किया गया। जिले में धान के बदले अन्य फसल लेने वाले 144 किसानों को 13 लाख रुपए की राशि वितरित की गई। दलहन- तिलहन व अन्य फसल उगाने वाले 10 हजार 408 किसानों के खातों में 2 करोड़ 91 लाख रुपए की राशि ट्रांसफर की गई।

खाते में आएगी प्रोत्साहन राशि

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के उप संचालक कृषि ने क्षेत्र के सभी किसान भाइयों से अपील की है कि वे इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि सभी पात्र किसान अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी या समिति प्रबंधक से तुरंत संपर्क करें। किसान भाई कैरी फॉरवर्ड या नए पंजीयन के समय धान के बदले अन्य फसल या दलहन-तिलहन फसल बोए गए रकबा के विकल्प का चयन कर अपना पंजीकरण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराएं, ताकि समय पर प्रोत्साहन राशि उनके खातों में भेजी जा सके।

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कृषक उन्नति योजना 2026 क्या है?

यह छत्तीसगढ़ सरकार की योजना है, जिसका उद्देश्य कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देना और किसानों की आय बढ़ाना है। इसके तहत धान के स्थान पर अन्य फसलें उगाने वाले किसानों को आर्थिक सहायता दी जाती है।

धान की जगह दूसरी फसल बोने पर कितनी राशि मिलेगी?

जो किसान धान के स्थान पर अन्य निर्धारित फसलें उगाएंगे, उन्हें 15,000 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

किन फसलों पर योजना का लाभ मिलेगा?

योजना के तहत अरहर, उड़द, मूंगफली, तिल, मक्का, रागी, कोदो, कुटकी समेत दलहन, तिलहन और मोटे अनाज (मिलेट्स) की खेती करने वाले किसान लाभ के पात्र होंगे।

योजना का लाभ लेने के लिए क्या पात्रता है?

किसान का एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीकरण होना चाहिए, धान की बिक्री सहकारी समिति के माध्यम से की गई हो तथा डिजिटल क्रॉप सर्वे/गिरदावरी में फसल और रकबे का सत्यापन होना आवश्यक है।

किसानों के खाते में प्रोत्साहन राशि कब और कैसे आएगी?

पात्रता की जांच और डिजिटल सत्यापन पूरा होने के बाद सरकार सीधे किसानों के बैंक खातों में प्रोत्साहन राशि ट्रांसफर करेगी। किसानों को समय पर पंजीकरण कराना और सही फसल विकल्प का चयन करना अनिवार्य होगा।