प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी की ई-स्मारिका जारी की
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी की ई-स्मारिका जारी की
रायपुर, 22 फरवरी (भाषा) भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी की संस्थागत विरासत को चिह्नित करने के लिए ‘न्यायपालिका के भविष्य को आकार देना’ शीर्षक वाली ई-स्मारिका का रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से विमोचन किया।
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की ओर से प्रधान न्यायाधीश के लिए आयोजित एक अभिनंदन समारोह में ई-स्मारिका का विमोचन किया गया, जिसमें सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश एस नरसिम्हा और प्रशांत कुमार मिश्रा के साथ-साथ छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा भी शामिल हुए।
न्यायमूर्ति सिन्हा ने न्यायिक अकादमी को राज्य में न्यायिक उत्कृष्टता की आधारशिला बताया।
उन्होंने कहा कि ई-स्मारिका अकादमी के उभार, बुनियादी ढांचे के विकास और इसके आधुनिक, प्रौद्योगिकी-सक्षम न्यायिक प्रशिक्षण केंद्र में तब्दील होने की कहानी बयां करती है।
न्यायमूर्ति सिन्हा ने कहा कि प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत का मार्गदर्शन राज्य में भविष्य की न्यायिक शिक्षा और सुधार को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करेगा।
इस मौके पर प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि छत्तीसगढ़, जिसे अक्सर भारत की विविधता का एक सूक्ष्म रूप बताया जाता है, शासन और संस्थागत शक्ति के विचार को प्रतीकात्मक रूप से प्रतिबिंबित करता है।
‘छत्तीस किलों की भूमि’ के रूप में ‘छत्तीसगढ़’ के ऐतिहासिक अर्थ के साथ तुलना करते हुए, न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने संवैधानिक अदालतों को लोकतंत्र के आधुनिक संरक्षक के रूप में वर्णित किया, जो अधिकारों की रक्षा करती हैं और शासन पर संवैधानिक सीमाओं को बनाए रखती हैं।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा, “न्यायाधीशों को सिद्धांतों में दृढ़, आचरण में संयमित और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहना चाहिए। साथ ही, अदालतों को पृथक संस्था नहीं बनना चाहिए। राज्य के सभी क्षेत्रों में न्याय तक पहुंच होनी चाहिए, जिसमें बस्तर और सरगुजा भी शामिल हैं।”
उन्होंने कहा कि न्यायिक अकादमी सिर्फ एक प्रशिक्षण केंद्र नहीं है, बल्कि एक मूलभूत संस्था है, जो न्यायपालिका की भविष्य की ताकत और संस्कृति को आकार देती है, विशेष रूप से अपेक्षाकृत नवगठित उच्च न्यायालय में।
भाषा पारुल सुरेश
सुरेश

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