अतिक्रमण-रोधी कार्रवाई पर छत्तीसगढ़ विधानसभा में कांग्रेस का हंगामा

अतिक्रमण-रोधी कार्रवाई पर छत्तीसगढ़ विधानसभा में कांग्रेस का हंगामा

अतिक्रमण-रोधी कार्रवाई पर छत्तीसगढ़ विधानसभा में कांग्रेस का हंगामा
Modified Date: July 15, 2026 / 07:00 pm IST
Published Date: July 15, 2026 7:00 pm IST

रायपुर, 15 जुलाई (भाषा) विपक्षी दल कांग्रेस ने रायपुर जिले के नकटी गांव में अतिक्रमण-रोधी अभियान को लेकर बुधवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा में हंगामा किया। पार्टी ने आरोप लगाया कि मकानों को गिराना असंवैधानिक है और यह प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है।

कांग्रेस ने स्थगन प्रस्ताव लाकर इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की। विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह द्वारा नोटिस को नामंजूर किए जाने के बाद, विपक्ष के सदस्यों ने विरोध स्वरूप आसन के पास जाकर हंगामा किया, जिसके कारण उन्हें कुछ समय के लिए निलंबित कर दिया गया।

नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत और कांग्रेस के अन्य विधायकों ने शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि नकटी गांव में 29 और 30 जून को की गई अतिक्रमण-रोधी कार्रवाई ‘‘अन्यायपूर्ण, असंवैधानिक और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ’’ थी।

उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-नीत सरकार पर ‘‘बुलडोजर संस्कृति’’ अपनाने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि इस कार्रवाई से मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन हुआ है।

कांग्रेस सदस्यों ने आरोप लगाया कि ध्वस्त किए गए कई मकान प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत बनाए गए थे और उनमें सरकार की ओर से बिजली, पेयजल और सड़क जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थीं।

विपक्ष ने यह भी दावा किया कि प्रभावित परिवारों को पहले आश्वासन दिया गया था कि मानसून के दौरान उनके मकानों को नहीं गिराया जाएगा और किसी भी बेदखली से पहले उनका पुनर्वास किया जाएगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि विस्थापित परिवारों को उपलब्ध कराया गया वैकल्पिक आवास बुनियादी नागरिक सुविधाओं से वंचित था और प्रभावित परिवारों के लिए पर्याप्त नहीं था।

आरोपों का जवाब देते हुए राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने सरकार की कार्रवाई का बचाव किया और कहा कि बेदखली अभियान कानूनी प्रावधानों और अदालत के आदेशों के अनुसार ही चलाया गया।

मंत्री ने पिछली कांग्रेस सरकार पर भी आरोप लगाया कि उसने 2022 में सेरीखेड़ी गांव में सरकारी जमीन से 148 अतिक्रमणकारियों को बिना किसी पुनर्वास के हटा दिया था।

मंत्री के जवाब के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने स्थगन प्रस्ताव को खारिज कर दिया।

जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायक आसन के पास जाकर प्रदर्शन करते रहे, जिसके चलते सदन के नियमों के तहत वे स्वत: निलंबित हो गए। बाद में उनका निलंबन वापस ले लिया गया और सदन की कार्यवाही सामान्य रूप से शुरू हो गई।

भाषा आशीष सुरेश

सुरेश


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