देशवासियों का भरोसा बढ़ा है कि भारत के खिलाफ षड्यंत्र बर्दाश्त नहीं किया जाएगा: शेखावत

देशवासियों का भरोसा बढ़ा है कि भारत के खिलाफ षड्यंत्र बर्दाश्त नहीं किया जाएगा: शेखावत

देशवासियों का भरोसा बढ़ा है कि भारत के खिलाफ षड्यंत्र बर्दाश्त नहीं किया जाएगा: शेखावत
Modified Date: January 1, 2026 / 10:40 pm IST
Published Date: January 1, 2026 10:40 pm IST

कवर्धा, एक जनवरी (भाषा) केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने बृहस्पतिवार को कहा कि छत्तीसगढ़ नक्सलवाद की समाप्ति की दिशा में निर्णायक रूप से आगे बढ़ रहा है और इससे देशवासियों में यह विश्वास मजबूत हुआ है कि भारत को कमजोर करने वाली किसी भी ताकत या षड्यंत्र को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय मंत्री शेखावत और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बृहस्पतिवार को कबीरधाम जिले के भोरमदेव में भोरमदेव कॉरिडोर विकास परियोजना का भूमिपूजन किया।

शेखावत ने इस अवसर पर एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘बीते दो वर्षों में छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्पों को धरातल पर उतारते हुए विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करने का कार्य किया है।’’

 ⁠

उन्होंने कहा, ‘‘नक्सलवाद प्रदेश के विकास में सबसे बड़ी बाधा थी, जिसे समाप्त करने का बीड़ा राज्य सरकार ने उठाया है। आज प्रदेश नक्सलवाद की समाप्ति की दिशा में निर्णायक रूप से आगे बढ़ रहा है, इससे न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के नागरिकों में यह विश्वास मजबूत हुआ है कि भारत को कमजोर करने वाली किसी भी ताकत या षड्यंत्र को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद के विरुद्ध लिए गए कठोर निर्णयों ने देश की सुरक्षा नीति को नई मजबूती प्रदान की है।’’

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत तेजी से विकसित राष्ट्र की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि सड़कों, पुल-पुलियों एवं अन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण के साथ-साथ प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, पेयजल, बिजली, डीबीटी के माध्यम से राशि का अंतरण और रोजगार जैसी सुविधाएं गरीबों के घर-घर तक पहुंच रही हैं।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना में सकारात्मक बदलाव करते हुए अब 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों का रोजगार प्रदान किया जा रहा है। साथ ही रोजगार उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में मुआवजे की गारंटी भी इस योजना में शामिल की गई है।

शेखावत ने इसे ‘मोदी की गारंटी’ बताते हुए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भोरमदेव मंदिर लगभग एक हजार वर्ष पुरानी ऐतिहासिक धरोहर है और इस कॉरिडोर निर्माण के माध्यम से आने वाले हजार वर्षों तक इसे संरक्षित रखने का कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने निर्माण एजेंसियों और अधिकारियों से आग्रह किया कि 146 करोड़ रुपये की इस परियोजना में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए, क्योंकि यह कार्य धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा हुआ है।

शेखावत ने कहा कि भोरमदेव मंदिर प्रधानमंत्री मोदी का भी विशेष आस्था का केंद्र रहा है और यह परियोजना उनके कार्यकाल की स्मृति के रूप में कबीरधाम जिले को एक नई पहचान देगी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह वर्ष परिवर्तन का वर्ष है और भारत को विश्व का सबसे शक्तिशाली राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री मोदी के संकल्प में 140 करोड़ देशवासी सहभागी बनें।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज का दिन छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण है। भोरमदेव कॉरिडोर विकास परियोजना राज्य की प्राचीन धरोहर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कबीरधाम जिले के इस भोरमदेव धाम में महादेव शिव की आराधना, अतुलनीय प्राकृतिक सौंदर्य और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत एक साथ दिखाई देती है।

साय ने कहा कि केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत भोरमदेव कॉरिडोर विकास परियोजना का भूमिपूजन किया जा रहा है। यह परियोजना लगभग 146 करोड़ रुपये की लागत से वाराणसी के काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे बेहतर शुरुआत नए वर्ष की नहीं हो सकती थी और इस परियोजना के लिए उन्होंने सभी छत्तीसगढ़ वासियों को बधाई दी।

भोरमदेव मंदिर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हरे-भरे वनांचल के बीच स्थित इस मंदिर को ‘‘छत्तीसगढ़ का खजुराहो’’ कहा जाता है। यह केवल मंदिर ही नहीं, बल्कि हजार वर्षों की साधना, स्थापत्य कला और सांस्कृतिक चेतना का जीवंत प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि यहां भगवान शिव की पूजा भोरमदेव के रूप में की जाती है, जहां शैव दर्शन, लोक आस्था और आदिवासी परंपरा एक साथ मिलकर भारतीय संस्कृति की विविधता में एकता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करती हैं।

उन्होंने कहा कि भोरमदेव का यह संपूर्ण क्षेत्र धर्म और अध्यात्म के साथ-साथ पर्यटन का भी बड़ा केंद्र है, जिसे वर्तमान सरकार व्यापक रूप से विकसित करने जा रही है।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने पर्यटन को उद्योग का दर्जा प्रदान किया है, जिससे पर्यटन क्षेत्र को संरचनात्मक मजबूती मिली है। नई पर्यटन नीति एवं होम-स्टे नीति के माध्यम से सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के साथ रोजगार और निवेश के अवसर बढ़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा युवाओं को पर्यटन क्षेत्र में प्रशिक्षण देकर रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पूरे छत्तीसगढ़ में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है तथा रेल और हवाई सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचना सरल होगा और पर्यटन को नई गति मिलेगी। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।

उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में 7.83 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों को नई दिशा मिलेगी।

अधिकारियों ने बताया कि इस अवसर पर राज्य उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और अरुण साव, केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू, सांसद संतोष पांडेय और अन्य लोग मौजूद थे।

भाषा संजीव

धीरज

धीरज


लेखक के बारे में