सीजीपीएससी भर्ती अनियमितता मामले में ईडी ने सात लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया
सीजीपीएससी भर्ती अनियमितता मामले में ईडी ने सात लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया
रायपुर, 22 सितंबर (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं से जुड़े धन शोधन मामले में मंगलवार को पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी समेत सात लोगों के खिलाफ अभियोजन शिकायत (आरोपपत्र) दाखिल की।
ईडी के वकील सौरभ कुमार पांडे ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि 99 पन्नों की अभियोजन शिकायत और करीब 3,700 पन्नों के दस्तावेज रायपुर की विशेष पीएमएलए अदालत में दाखिल किए गए हैं।
सोनवानी के अलावा आरोपियों में कारोबारी श्रवण गोयल, तत्कालीन सीजीपीएससी उप परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पूर्व निजी सहायक के के चंद्रवंशी के भतीजे उत्कर्ष चंद्राकर, विकास चंद्राकर और अनिल चंद्राकर तथा अतिरिक्त कलेक्टर चेतन बोरघरिया शामिल हैं। बोरघरिया उस समय बघेल के कार्यालय में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (ओएसडी) के पद पर तैनात थे।
यह इस मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी की ओर से दाखिल की गई पहली अभियोजन शिकायत है।
ईडी की जांच के अनुसार, गोयल ने कथित रूप से अपने बेटे और बहू के सीजीपीएससी परीक्षा में चयन में मदद के लिए सोनवानी के गैर सरकारी संगठन ‘ग्रामीण विकास समिति’ (जीवीएस) को धन उपलब्ध कराया था।
ईडी के वकील ने बताया कि वर्ष 2021 में सीजीपीएससी के भर्ती नियमों में संशोधन के दौरान गणवीर ने कथित तौर पर ‘परिवार’ की परिभाषा से ‘भतीजा’ शब्द हटाने में भूमिका निभाई, ताकि तत्कालीन अध्यक्ष सोनवानी के रिश्तेदारों के चयन का रास्ता आसान हो सके।
उन्होंने कहा कि उत्कर्ष और विकास चंद्राकर ने कथित तौर पर अभ्यर्थियों के लिए प्रारंभिक और मुख्य परीक्षाओं के प्रश्नपत्र हासिल किए और इसके बदले पैसे लिए।
ईडी ने कथित भ्रष्टाचार, प्रश्नपत्र लीक और वर्ष 2020 तथा 2021 में सीजीपीएससी परीक्षाओं में हेरफेर से जुड़े मामले की जांच के तहत जुलाई में सोनवानी को गिरफ्तार किया था। उस समय राज्य में कांग्रेस की सरकार थी और इन परीक्षाओं के जरिए डिप्टी कलेक्टर, पुलिस उपाधीक्षक और अन्य वरिष्ठ सरकारी पदों पर भर्ती की गई थी।
धन शोधन की जांच छत्तीसगढ़ आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा दर्ज प्राथमिकी, उसके बाद जुलाई 2024 में सीबीआई की ओर से दर्ज शिकायत और 2025 में दाखिल तीन आरोपपत्रों के आधार पर शुरू हुई।
सोनवानी को 2024 में सीबीआई ने भी गिरफ्तार किया था। सीबीआई ने यह मामला नवंबर 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के कांग्रेस को हराने के बाद दर्ज किया था।
भाषा
संजीव रवि कांत

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