ईडी ने गिरफ्तार कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल के धमतरी स्थित घर की तलाशी ली
ईडी ने गिरफ्तार कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल के धमतरी स्थित घर की तलाशी ली
धमतरी/रायपुर, 20 अगस्त (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बृहस्पतिवार को छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल के घर की तलाशी ली।
केंद्रीय एजेंसी ने पिछले सप्ताह कथित शराब घोटाले के मामले में अग्रवाल को गिरफ्तार किया था।
धमतरी के विधायक ओंकार साहू समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता औद्योगिक वार्ड इलाके में अग्रवाल के घर के बाहर जमा हुए और ईडी की कार्रवाई के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया। उन्होंने केंद्र और प्रवर्तन निदेशालय के खिलाफ नारे लगाए।
रायपुर में कुछ और जगहों पर भी ईडी की छापेमारी जारी है, लेकिन अधिकारियों ने अभी तक यह पुष्टि नहीं की है कि ये तलाशी किस मामले से जुड़ी है।
रायपुर में संवाददाताओं से बात करते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं को डराने-धमकाने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
बैज ने कहा, ‘‘छत्तीसगढ़ में ईडी और सीबीआई की कार्रवाई अब कोई नयी बात नहीं है। ईडी, सीबीआई, आयकर विभाग और अन्य एजेंसियों ने विपक्षी नेताओं को निशाना बनाना और डराना-धमकाना एक नियमित कार्य बना लिया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘रामगोपाल अग्रवाल पहले से ही ईडी की हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ की जा रही है। इसके बावजूद, ईडी उनके घर पर छापेमारी कर रही है। यह हमारे लिए कोई नयी बात नहीं है।’’
अधिकारियों ने बताया कि अग्रवाल को पिछले महीने राज्य की आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) ने कथित कोयला लेवी घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया था और उनसे कथित शराब घोटाले और चावल की ‘कस्टम मिलिंग’ से जुड़े मामलों में भी पूछताछ की जा रही थी।
राज्य में पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान हुए कथित घोटालों की ईडी और ईओडब्ल्यू दोनों जांच कर रहे हैं। उस समय अग्रवाल पार्टी की प्रदेश इकाई के कोषाध्यक्ष थे।
केंद्रीय एजेंसी ने 11 अगस्त को कथित शराब घोटाले के मामले में अग्रवाल को गिरफ्तार किया था।
ईडी के अनुसार, कथित शराब घोटाला 2019 और 2022 के बीच हुआ था, जब छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार थी। एजेंसी का आरोप है कि वरिष्ठ अधिकारियों और नेताओं के एक ‘आपराधिक’ गिरोह ने राज्य के आबकारी विभाग पर ‘पूरी तरह से कब्जा’ कर लिया था, जिससे राज्य के खजाने को 2,883 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
अब तक, ईडी ने इस मामले में छह आरोप पत्र दाखिल किये हैं और 81 लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा और मुख्यमंत्री कार्यालय की पूर्व उप सचिव सौम्या चौरसिया जैसे लोग शामिल हैं।
भाषा सं संजीव
शफीक
शफीक

Facebook


