छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई निर्णायक दौर में: मुख्यमंत्री साय
छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई निर्णायक दौर में: मुख्यमंत्री साय
रायपुर, 13 जनवरी (भाषा) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को कहा कि राज्य में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई निर्णायक दौर में है और सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि यह खतरा फिर कभी न उभरे।
अधिकारियों ने बताया कि साय ने यहां मंत्रालय महानदी भवन में बस्तर संभाग के व्यापक विकास पर आयोजित उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि क्षेत्र के विकास पर ध्यान केंद्रित कर एक विस्तृत तीन-वर्षीय कार्य योजना तैयार की जाएगी और इसे अभियान स्तर पर लागू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय से छत्तीसगढ़ के विकास में सबसे बड़ी बाधा रहा नक्सलवाद अब खत्म होने की कगार पर है और यह सिर्फ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में ही हो पाया है।
साय ने कहा कि निरंतर संवाद, तेज विकास कार्य और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के माध्यम से क्षेत्र में जनता का विश्वास मजबूत किया जा रहा है और प्रभावित क्षेत्रों में धीरे-धीरे शांति लौट रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि माओवादी विचारधारा फिर कभी न उभरे।
‘डबल-इंजन सरकार’ का जिक्र करते हुए साय ने कहा कि इसका स्पष्ट उद्देश्य बस्तर का सर्वांगीण और संतुलित विकास सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा, ‘‘राज्य और केंद्र सरकारें बस्तर को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बस्तर के विकास हेतु अगले तीन वर्षों के लिए एक व्यापक कार्य योजना तैयार की जाएगी और अभियान स्तर पर इसे लागू किया जाएगा।’’
मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को एक-दूसरे के साथ समन्वय में काम करने का निर्देश दिया और सचिवों को जमीनी स्तर पर योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करने के लिए नियमित रूप से बस्तर क्षेत्र का दौरा करने का निर्देश भी दिया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को गांवों के विद्युतीकरण में तेजी लाने और दूरदराज के क्षेत्रों में मोबाइल टावरों की स्थापना में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने बच्चों के लिए विशेष अभियान चलाकर शत-प्रतिशत आधार कवरेज हासिल करने पर भी जोर दिया।
अधिकारियों ने बताया कि साय ने ग्वालियर स्थित भारतीय पर्यटन व यात्रा प्रबंधन संस्थान के माध्यम से बस्तर के 32 स्थानीय गाइड को प्रशिक्षित करने की पहल की सराहना की।
बैठक में मुख्य सचिव विकास शील और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
भाषा संजीव खारी
खारी

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