शह मात The Big Debate: ड्राइवर संघ की लामबंदी..क्या हो पाएगी शराबबंदी? क्या वाकई नशे पर नहीं है कंट्रोल?

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CG Drivers Strike: ड्राइवर संघ की लामबंदी..क्या हो पाएगी शराबबंदी? क्या वाकई नशे पर नहीं है कंट्रोल?

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  • Publish Date - October 25, 2025 / 11:29 PM IST,
    Updated On - October 25, 2025 / 11:29 PM IST

CG Drivers Strike | Photo Credit: IBC24

HIGHLIGHTS
  • छत्तीसगढ़ ड्राइवर महासंघ ने 11 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की
  • प्रमुख मांग — पूर्ण शराबबंदी, ड्राइवर आयोग और वेलफेयर बोर्ड का गठन
  • हड़ताल से परिवहन ठप, जरूरी सामान की सप्लाई पर असर

रायपुर: CG Drivers Strike देश के कुछ जिलों में छत्तीसगढ़ ड्राइवर महासंघ ने “स्टेयरिंग छोड़ो चक्काजाम आंदोलन” के तहत अनिश्चितकाल के लिए हड़ताल शुरू कर दी है। दावा है कि इसमें 3 लाख ड्राइवर्स शामिल हैं, हालांकि प्रदेश में राजिम, राजनांदगांव और सूरजपुर में ही इस हड़ताल का प्रभावी असर दिखा। कुछ जगहों पर बस-ट्रक एसोसिएशन ने इस हड़ताल से पूरी तरह किनारा कर लिया, लेकिन ड्राइवर्स की 11 सूत्री मांग में से एक पूर्ण शराबबंदी की मांग सियासी बहस का मुद्दा बना। विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए ताना दिया कि अब जनता को ही शराबबंदी के लिए सड़क पर उतरना पड़ रहा है तो सरकार फिलहाल मांगों पर विचार करने की बात कर स्थिति संभाल रही है। सवाल ये है कि क्या वाकई ये पहिए रोककर की जा रही ये हड़ताल पूर्ण शराबबंदी जैसी मांग के लिए है या फिर एक मांग के बहाने सियासी विरोध का धुआं छोड़ा जा रहा है।

CG Drivers Strike प्रदेश भर में जगह-जगह विरोध में मुठ्ठियां ताने, नारे लगाते, छग ड्राइवर महासंघ ने 11 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। प्रदेश के ड्राईवर्स ने प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी, ड्राइवर आयोग का गठन और ड्राइवर वेलफेयर बोर्ड की स्थापना की मांग को लेकर “स्टेयरिंग छोड़ो चक्काजाम आंदोलन” का ऐलान कर दिया है। प्रदेश के ड्राइवर्स पहियों को जाम कर अनिश्चित कालीन हड़ताल पर बैठ गए हैं। वो भी पूर्ण शराबबंदी की मांग पर सो मुद्दे को फौरन विपक्ष ने लपका, पीसीसी चीफ दीपक बैज ने आंदोलन को कांग्रेस का समर्थन देते हुए तंज कसा कि शराबबंदी के लिए अब जनता को खुद सड़क पर उतरना पड़ा रहा है। वहीं हड़ताल पर फिलहाल सत्तापक्ष सफाई की मुद्रा में है।

राजधानी रायपुर समेत पूरे प्रदेश में ड्राइवर महासंगठन की हड़ताल का व्यापक असर दिखा। सूरजपुर में कोयला परिवहन पूरी तरह से ठप्प रहा, तो राजिम क्षेत्र में सुबह से परिवहन व्यवस्था चरमराई दिखी। बसों-ट्रकों के पहिये जाम होने से बाजारों में सब्जी, फल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई पर भी असर पड़ा है। सवाल ये है कि क्या वाकई ड्राईवर्स को पूर्ण शराबबंदी के लिए सड़क पर उतरना पड़ रहा है।

"स्टेयरिंग छोड़ो चक्काजाम आंदोलन" क्या है?

यह छत्तीसगढ़ ड्राइवर महासंघ का आंदोलन है, जिसमें ड्राइवर अपनी मांगों के समर्थन में वाहन संचालन पूरी तरह रोककर हड़ताल पर हैं।

आंदोलन की मुख्य मांगें क्या हैं?

पूर्ण शराबबंदी लागू करना, ड्राइवर आयोग और वेलफेयर बोर्ड का गठन, बीमा और पेंशन लाभ जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का विस्तार शामिल है।

हड़ताल से किन जिलों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है?

राजिम, सूरजपुर और राजनांदगांव जिलों में हड़ताल का व्यापक असर दिखा है। कई जगह कोयला और सामान की ढुलाई ठप है।