(8th Pay Commission Update/ Image Credit: AI-generated)
नई दिल्ली: 8th Pay Commission Update: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को 8वें वेतन आयोग से बड़ी उम्मीदें हैं। सभी की नजर इस बात पर है कि नई सैलरी कितनी बढ़ेगी, पेंशन में कितना इजाफा होगा और भत्तों का नया ढांचा कैसा रहेगा। आयोग इन सभी पहलुओं पर विचार कर रहा है और आने वाले समय में अपनी सिफारिशें तैयार करेगा। 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission Update) की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जस्टिस रंजना देसाई कर रही हैं। आयोग कर्मचारियों, यूनियनों और अन्य हितधारकों से सुझाव ले रहा है। माना जा रहा है कि इसकी सिफारिशों का फायदा करीब 1 करोड़ से ज्यादा लोगों को मिल सकता है। जिसमें केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगी शामिल हैं।
8वें वेतन आयोग के लिए कर्मचारियों और संगठनों से सुझाव लेने की ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। 15 जून 2026 तक हितधारकों, कर्मचारी यूनियनों और पेंशनभोगी संघों से मेमोरेंडम और सुझाव जमा किए गए। इसके बाद अब आयोग मिले सुझावों और आंकड़ों का अध्ययन करेगा। वहीं, 31 जुलाई तक सभी केंद्रीय मंत्रालयों, सरकारी विभागों और केंद्र शासित प्रदेशों को अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स से जुड़ा जरूरी सर्विस डेटा आयोग के ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना है। इस डेटा के आधार पर वेतन, भत्ते और पेंशन में बदलाव की योजना तैयार की जाएगी।
8वें वेतन आयोग का लाभ (8th Pay Commission Update) कई सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलने की संभावना है। इसमें केंद्र सरकार के औद्योगिक और गैर-औद्योगिक कर्मचारी, ऑल इंडिया सर्विसेज के अधिकारी, रक्षा बलों के जवान और अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारी, भारतीय ऑडिट और अकाउंट्स विभाग के कर्मचारी, सुप्रीम कोर्ट के अधिकारी-कर्मचारी और केंद्र शासित प्रदेशों में आने वाले हाई कोर्ट व निचली अदालतों के न्यायिक अधिकारी भी इसके दायरे में आ सकते हैं।
8वें वेतन आयोग का गठन (8th Pay Commission Update) नवंबर 2025 में किया गया था। आयोग को अपनी अंतिम सिफारिशें देने में करीब 18 महीने का समय लग सकता है। अनुमान है कि रिपोर्ट 2027 तक आ सकती है। हालांकि, पिछले अनुभवों को देखते हुए सिफारिशों को लागू होने में अतिरिक्त समय लग सकता है। अगर सरकार की ओर से अधिसूचना जारी होने में देरी होती है तो कर्मचारियों को नुकसान नहीं होगा। नियमों के अनुसार इसे 1 जनवरी 2026 से लागू माना जा सकता है। ऐसे में कर्मचारियों और पेंशनर्स को पुराने समय का बढ़ा हुआ भुगतान एरियर के रूप में मिल सकता है।
फिलहाल फिटमेंट फैक्टर, नई पे मैट्रिक्स, भत्तों और पेंशन फॉर्मूले को लेकर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। आयोग राज्यों, कर्मचारियों और संगठनों से चर्चा के बाद अपनी रिपोर्ट तैयार करेगा। अंतिम सिफारिशों के बाद ही साफ होगा कि कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में कितना वास्तविक बदलाव आएगा।