Devshayani Ekadashi 2026 Date: इस बार कब है देवशयनी एकादशी? इस दिन क्यों की जाती है तुलसी की विशेष पूजा और जानें इसका महत्व

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Devshayani Ekadashi 2026 Date: हिंदू धर्म में देवशयनी एकादशी का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु के साथ तुलसी पूजा करने और दीपक जलाने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, श्रद्धा भाव से तुलसी पूजा करने से घर में सकारात्मकता, सुख-शांति और भगवान विष्णु की कृपा बनी रहती है।

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  • Publish Date - July 22, 2026 / 01:12 PM IST,
    Updated On - July 22, 2026 / 01:14 PM IST

(Devshayani Ekadashi 2026 Date/ Image Credit: AI-generated)

HIGHLIGHTS
  • 25 जुलाई 2026 को मनाई जाएगी देवशयनी एकादशी
  • इस दिन से शुरू होता है चातुर्मास
  • तुलसी पूजा से जुड़ी है विशेष धार्मिक मान्यता

नई दिल्ली: Devshayani Ekadashi 2026 Date: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना जाता है लेकिन आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी (Devshayani Ekadashi 2026 Date) को बेहद खास माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु क्षीरसागर में चार महीने के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं। इसी अवधि को चातुर्मास कहा जाता है। स दौरान कई शुभ और मांगलिक कार्यों को करने की मनाही बताई गई है। मान्यता है कि भगवान विष्णु के शयन में जाने से पहले तुलसी पूजा का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। भक्त इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए विशेष पूजा-अर्चना करते हैं।

देवशयनी एकादशी 2026 की तारीख और महत्व

पंचांग के मुताबिक, वर्ष 2026 में देवशयनी एकादशी (Devshayani Ekadashi 2026 Date) का व्रत शनिवार 25 जुलाई को रखा जाएगा। आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवशयनी एकादशी कहा जाता है। इस दिन से भगवान विष्णु के योगनिद्रा में जाने के साथ चातुर्मास की शुरुआत होती है। चातुर्मास के चार महीनों के बाद देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु के जागने की मान्यता है। इसके बाद फिर से विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों की शुरुआत होती है।

देवशयनी एकादशी पर तुलसी पूजा का विशेष महत्व

धार्मिक मान्यता के अनुसार, तुलसी भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है और इसे माता लक्ष्मी का स्वरूप भी माना जाता है। इसलिए विष्णु पूजा में तुलसी दल अर्पित करने की परंपरा है। देवशयनी एकादशी के दिन तुलसी पूजा करने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा मिलने की मान्यता है। इस दिन सुबह स्नान के बाद तुलसी के पौधे की सफाई करके दीपक जलाया जाता है। तुलसी को जल अर्पित कर भगवान विष्णु का ध्यान और मंत्र जाप करना शुभ माना जाता है।

तुलसी के पास दीपक जलाने की मान्यता

देवशयनी एकादशी की शाम (Devshayani Ekadashi 2026 Date) तुलसी के पौधे के पास दीपक जलाने की भी परंपरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, तुलसी के पास दीपक जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और नकारात्मकता दूर होती है। भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार घी या तेल का दीपक जला सकते हैं। माना जाता है कि इस पूजा से घर में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है।

देवशयनी एकादशी पर ऐसे करें तुलसी पूजा

इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। इसके बाद भगवान विष्णु की पूजा करें और तुलसी के पौधे के आसपास साफ-सफाई करें। तुलसी माता को प्रणाम कर दीपक जलाएं और भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करें। पूजा के बाद परिवार की सुख-शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना करें। देवशयनी एकादशी से शुरू होने वाले चातुर्मास में भक्त व्रत, दान और धार्मिक कार्यों पर विशेष ध्यान देते हैं। इस दौरान सावन, भाद्रपद, आश्विन और कार्तिक जैसे पवित्र महीने आते हैं।

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देवशयनी एकादशी 2026 कब मनाई जाएगी?

देवशयनी एकादशी का व्रत 25 जुलाई 2026, शनिवार को रखा जाएगा।

देवशयनी एकादशी का धार्मिक महत्व क्या है?

मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु चार महीने के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं और इसी के साथ चातुर्मास की शुरुआत होती है।

देवशयनी एकादशी पर तुलसी पूजा क्यों की जाती है?

तुलसी को भगवान विष्णु की प्रिय और माता लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। इसलिए इस दिन तुलसी पूजा का विशेष महत्व होता है।

तुलसी के पास दीपक जलाने से क्या मान्यता जुड़ी है?

धार्मिक मान्यता के अनुसार, तुलसी के पास दीपक जलाने से घर में सकारात्मकता, सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।