Jagdalpur Crime News: छत्तीसगढ़ के इस जंगल में चल रही थी चलती-फिरती ड्रग फैक्ट्री, रेड मारने गई पुलिस भी रह गई दंग, इतने करोड़ का माल बरामद

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Jagdalpur Crime News: छत्तीसगढ़ के इस जंगल में चल रही थी चलती-फिरती ड्रग फैक्ट्री, रेड मारने गई पुलिस भी रह गई दंग, इतने करोड़ का माल बरामद

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  • Publish Date - May 3, 2026 / 09:54 PM IST,
    Updated On - May 3, 2026 / 10:00 PM IST

Jagdalpur Crime News/Photo Credit: IBC24

HIGHLIGHTS
  • मलकानगिरी के जंगलों में ‘मोबाइल ड्रग फैक्ट्री’ का भंडाफोड़
  • 800 लीटर हशीश ऑयल (करीब 100 करोड़) और 50 किलो गांजा जब्त
  • तस्कर मौके से फरार, बड़े नेटवर्क की जांच जारी

जगदलपुरJagdalpur Crime News: देश में गांजा तस्करी के गढ़ के तौर पर पहचान बना चुके ओडिशा से एक बार फिर चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। मलकानगिरी के चित्रकोंडा के घने जंगलों में पुलिस ने ‘चलती-फिरती ड्रग फैक्ट्री’ का पर्दाफाश किया है। कोरापुट रेंज के डीआईजी डॉ. केवी सिंह (Jagdalpur Crime News) के नेतृत्व में हुई इस सर्जिकल कार्रवाई में 800 लीटर हशीश ऑयल जब्त किया गया है, जिसकी कीमत करीब 100 करोड़ रुपए बताई जा रही है।

 

जंगल में हाईटेक मोबाइल यूनिट

यह कोई साधारण तस्करी नहीं, बल्कि जंगल (Jagdalpur Crime News) के भीतर सेटअप की गई हाईटेक मोबाइल यूनिट थी, जहां गांजे को प्रोसेस कर इंटरनेशनल मार्केट के लिए हशीश ऑयल तैयार किया जा रहा था। मौके से 50 किलो गांजा और ऑयल बनाने के अत्याधुनिक उपकरण भी बरामद हुए हैं, जो इस बात का संकेत हैं कि यह नेटवर्क कितना संगठित और बड़ा है चौंकाने वाली बात ये है कि पूरी यूनिट को इस तरह डिजाइन किया गया था कि जरूरत पड़ने पर इसे मिनटों में समेटकर दूसरी लोकेशन पर शिफ्ट किया जा सके।

तस्कर फरार

हालांकि, पुलिस की दबिश की भनक लगते ही तस्कर जंगल (Jagdalpur Crime News) की आड़ लेकर फरार हो गए, जिससे इस नेटवर्क की जड़ें और गहरी होने की आशंका और मजबूत हो गई है। मलकानगिरी-कोरापुट बेल्ट लंबे समय से देश में गांजा और उससे जुड़े उत्पादों का बड़ा हॉटस्पॉट बना हुआ है, जहां से देशभर में सप्लाई की जाती है।

 

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यह कार्रवाई कहाँ की गई?

ओडिशा के मलकानगिरी जिले के चित्रकोंडा के जंगलों में यह कार्रवाई की गई।

पुलिस को क्या-क्या बरामद हुआ?

करीब 800 लीटर हशीश ऑयल, 50 किलो गांजा और ऑयल बनाने के उपकरण बरामद हुए।

क्या आरोपी पकड़े गए?

नहीं, पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपी जंगल में फरार हो गए।

‘मोबाइल ड्रग फैक्ट्री’ क्या है?

यह एक ऐसी अस्थायी और शिफ्ट करने योग्य यूनिट होती है, जिसे जरूरत पड़ने पर जल्दी से दूसरी जगह ले जाया जा सकता है।

क्या यह इलाका पहले भी तस्करी के लिए बदनाम रहा है?

हां, मलकानगिरी-कोरापुट बेल्ट लंबे समय से गांजा तस्करी का बड़ा केंद्र माना जाता है।