शहमात The Big Debate: ‘जश्नें कवासी का बहिष्कार’..आदिवासी हैं इसलिए दरकिनार? कवासी की रिहाई के वक्त बड़े नेता कहां गायब रहे?

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Kawasi Lakhma News: 'जश्नें कवासी का बहिष्कार'..आदिवासी हैं इसलिए दरकिनार? कवासी की रिहाई के वक्त बड़े नेता कहां गायब रहे?

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  • Publish Date - February 5, 2026 / 11:40 PM IST,
    Updated On - February 5, 2026 / 11:41 PM IST

Kawasi Lakhma News. Image Source- IBC24

HIGHLIGHTS
  • कवासी लखमा ने रिहाई के बाद बीजेपी नेताओं का आभार जताया
  • छिड़ी नई सियासी बहस
  • विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों ने इस मामले पर तंज और सफाई दी

रायपुर: Kawasi Lakhma News बहुचर्चित आबकारी घोटाले में मुख्य आरोपी पूर्व मंत्री कवासी लखमा सशर्त अंतरिम जमानत पर रिहा हो चुके हैं। गाजे-बाजे, आदिवासी नाच-गाने के साथ सेंट्रल जेल के बाहर सैंकड़ों कांग्रेसी नेता-कार्यकर्ता-समर्थक नजर आए, लेकिन प्रदेश के सीनियर कांग्रेसी नेता इस अगवानी जश्न से दूर ही दिखे। जाहिर है सबके अपने-अपने कार्यक्रम और कारण गिनाए गए, लेकिन सवाल उठा कि चैतन्य बघेल की अगवानी के लिए पहुंचने वाले वरिष्ठ इस बार समय क्यों ना निकाल सके। उस पर कवासी लखमा का भाजपा के नेताओं के प्रति आभार जताना, नई सियासी बहस छेड़ रहा है।

CG News आबकारी घोटाले केस में बीते 1 साल से जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने जेल से बाहर निकलकर अपने पहले सियासी बयान में डिप्टी सीएम अरुण साव और भारतीय जनता पार्टी के नेताओं का आभार व्यक्त किया। दूसरी तरफ इतने लंबे वक्त से जेल में रहने के बाद लखमा की रिहाई के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, PCC चीफ दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत, पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव, पूर्व मंत्री शिव डहरिया और पूर्व PCC चीफ धनेंद्र साहू जैसे वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं की गैर मौजूदगी चर्चा का विषय रही। बताया गया कि पूर्व मंत्री शिव डहरिया और धनेंद्र साहू तो उस वक्त राजधानी में ही थे। जबकि पीसीसी चीफ दीपक बैज रिहाई के कुछ देर पहले ही बालोद के लिए रवाना हो गए। सवाल उठे तो कांग्रेस नेता जबाव देने से बचते नजर आए। पूर्व संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने सफाई देते हुए सीनियर नेताओं के कार्यक्रम गिनाए और याद दिलाया कि इन सभी नेताओं ने जेल जाकर लखमा में मुलाकात की थी। भाजपा नेताओं के आभार व्यक्त करने को भी सामान्य शिष्टाचार बताते का प्रयास किया।

इधऱ, लखमा केस पर डिप्टी CM विजय शर्मा ने दोहराया कि जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं। लखमा ने कहा था कि अधिकारियों ने बिना बताए उनसे कई कागजों पर साइन कराए, सवाल ये है कि उन अधिकारियों को किसने फिट किया था। गृहमंत्री ने सीनियर कांग्रेस नेताओं की लखमा की रिहाई के वक्त दूरी पर भी तंज कसा।

तंज और सफाई के बीच सवाल ये है कि क्या कांग्रेसी नेताओं ने जानबूझकर लखमा से दूरी बनाई है। क्या बीजेपी नेताओं का आभार जताकर लखमा कोई नया संकेत दे रहे हैं। सवाल ये भी उठा कि बीते दिनों पूर्व cm भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की रिहाई के दौरान कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेता मौजूद थे तो फिर इस बार नेता क्यों ना पहुंचे, ये गुटबाजी है या कुछ और।

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कवासी लखमा किस मामले में जेल गए थे?

वे बहुचर्चित आबकारी घोटाले के मुख्य आरोपी हैं और पिछले एक साल से जेल में बंद थे।

उनकी रिहाई कब और कैसे हुई?

उन्हें सशर्त अंतरिम जमानत पर रिहा किया गया।

रिहाई के समय कौन-कौन से नेता मौजूद थे?

कार्यकर्ता और कुछ स्थानीय नेता मौजूद थे, लेकिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जैसे भूपेश बघेल, दीपक बैज, टीएस सिंहदेव आदि अनुपस्थित रहे।