Railone Train Ticket Booking: टिकट होने के बाद भी ट्रेन में देना पड़ सकता है जुर्माना, आज ही जान लें रेलवे का ये नियम नहीं तो भरना पड़ेगा जुर्माना/ Image: SECR
कोरबा: Railone Train Ticket Booking भारतीय रेल दुनिया की सबसे बड़ी रेल लाइन में से एक है, जिसमें रोजाना लाखों लोग सफर करते हैं। लेकिन कई बार नियमों की अज्ञानता या अनदेखी भारी पड़ जाती है। ऐसा ही कुछ छत्तीसगढ़ की महिला के साथ हुआ जब नियमों की अज्ञानता की की वजह से जुर्माना भरना पड़ा, जबकि उसने यात्रा के लिए वैध टिकट भी खरीदे थे। तो चलिए जानते हैं क्या है पूरा मामला?
Railone Train Ticket Booking मिली जानकारी के अनुसार कोरबा निवासी एक महिला कोरबा-विशाखापत्तनम लिंक एक्सप्रेस में रायपुर जाने के लिए बठी थी। महिला के भाई ने रेल वन एप्प से टिकट बुक किया और स्क्रीनशॉट उसे भेज दिया। वहीं, जब टिकट जांच टीटी करने आए टीटी ने टिकट दिखाने की बात कही तो महिला ने भी अपनी टिकट का स्क्रीनशॉट दिखा दिए। लेकिन टीटी ने उस टिकट को मानने से इंकार कर दिया और जुर्माना लगाया। लेकिन जांच के बाद पूरी बात बताई तब जाकर सच्चाई सामने आई।
दरअसल, महिला 7 जुलाई को कोरबा-विशाखापत्तनम लिंक एक्सप्रेस से यात्रा कर रही थी और ट्रेन कोरबा स्टेशन से शाम 4:10 बजे निकल गई। जब महिला कोच में सवार थी तो उसने अपनी ओर टीटीआई को आते देखा। फिर उसने तत्काल अपने भाई को फोन किया और टिकट बुक करने के लिए बोला। भाई ने RailOne App के माध्यम से कोरबा से रायपुर तक का अनारक्षित टिकट बनाकर उसका स्क्रीनशॉट वॉट्सऐप से उनके मोबाइल पर भेज दिया। महिला को लगा कि अब समस्या टल जाएगी, लेकिन रेलवे ने जुर्माना लगा दिया। रेलवे के प्रचलित नियमों के अनुसार ऐसा स्क्रीनशॉट वैध यात्रा प्राधिकार नहीं माना जाता। टिकट जांच कर्मचारी ने टिकट को अमान्य घोषित करते हुए नियमानुसार जुर्माना वसूल किया।
व्हाट्सएप पर आया टिकट दिखाना पर्याप्त नहीं, रेलवे के नियम जानना है ज़रूरी!
RailOne App से बुक किया गया अनारक्षित टिकट केवल उसी पंजीकृत मोबाइल पर वैध माना जाता है, जिससे टिकट जारी हुआ हो। यात्रा के दौरान उक्त मोबाइल के साथ एक फोटोयुक्त पहचान पत्र रखना भी अनिवार्य है। व्हाट्सएप,… pic.twitter.com/5n45Jgdq4c
— South East Central Railway (@secrail) July 8, 2026
पूछताछ के दौरान महिला यात्री ने बताया कि उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि मोबाइल से बनाए गए अनारक्षित टिकट की वैधता के लिए टिकट उसी मोबाइल फोन में उपलब्ध होना चाहिए, जिसमें RailOne App पंजीकृत है और जिससे टिकट बनाया गया हो। केवल वॉट्सऐप, स्क्रीनशॉट या किसी अन्य माध्यम से प्राप्त टिकट दिखाकर यात्रा करना नियमों के अनुरूप नहीं है।
मामला सामने आने के बाद एसईसीआर ने अपने अधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर जानकारी देते हुए लिखा है कि ”व्हाट्सएप पर आया टिकट दिखाना पर्याप्त नहीं, रेलवे के नियम जानना है ज़रूरी! RailOne App से बुक किया गया अनारक्षित टिकट केवल उसी पंजीकृत मोबाइल पर वैध माना जाता है, जिससे टिकट जारी हुआ हो। यात्रा के दौरान उक्त मोबाइल के साथ एक फोटोयुक्त पहचान पत्र रखना भी अनिवार्य है। व्हाट्सएप, स्क्रीनशॉट या अन्य माध्यम से प्राप्त टिकट वैध यात्रा प्राधिकार नहीं माना जाता।”