Garuda Purana: मौत से ठीक पहले क्यों दिखता है सब कुछ साफ-साफ? आखिरी 5 मिनट का ऐसा रहस्य जिसे जानकर चौंक जाएंगे आप!

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Garuda Purana: गरुण पुराण में भगवान विष्णु और गरुड़ के संवाद के माध्यम से मृत्यु और आत्मा की यात्रा के रहस्यों का वर्णन मिलता है। इसमें बताया गया है कि मृत्यु से पहले व्यक्ति को दिव्य अनुभव क्यों होते हैं और आत्मा कर्मों के अनुसार यमलोक की यात्रा करती है।

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  • Publish Date - July 9, 2026 / 01:21 PM IST,
    Updated On - July 9, 2026 / 01:24 PM IST

(Garuda Purana/ Image Credit: AI-generated)

HIGHLIGHTS
  • गरुड़ पुराण में मृत्यु और आत्मा की यात्रा का विस्तार से वर्णन मिलता है।
  • मान्यता है कि मृत्यु से पहले व्यक्ति को दिव्य दृष्टि का अनुभव होता है।
  • अंतिम समय में इंसान अपने जीवन के अच्छे-बुरे कर्मों को याद करता है।

Garuda Purana: मृत्यु जीवन का एक अटल सत्य है। जिसके बाद आत्मा की यात्रा को लेकर कई धार्मिक मान्यताएं प्रचलित है। गरुड़ पुराण (Garuda Purana) में भगवान विष्णु और पक्षीराज गरुड़ के बीच हुए संवाद के माध्यम से मृत्यु, आत्मा, कर्म और उसके परिणामों का विस्तार से वर्णन मिलता है। यह हिंदू धर्म के 18 महापुराणों में शामिल है। इसमें बताया गया है कि मृत्यु के समय इंसान किन अनुभवों से गुजरता है और आत्मा किस तरह आगे की यात्रा करती है।

मृत्यु से पहले क्यों मिलती है दिव्य दृष्टि?

गरुड़ पुराण के अनुसार, जब व्यक्ति के जीवन का अंतिम समय आता है और यमराज का बुलावा माना जाता है तब उसकी शारीरिक इंद्रियां धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं। मृत्यु से कुछ समय पहले व्यक्ति एक विशेष अवस्था में पहुंचता है जिसे दिव्य दृष्टि का अनुभव कहा गया है। मान्यता है कि इस दौरान व्यक्ति अपने पूरे जीवन की घटनाओं को याद करता है। उसके अच्छे और बुरे कर्म एक-एक करके उसके सामने आने लगते हैं।

अंतिम समय में आत्मा के अनुभव

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मृत्यु के समय व्यक्ति बोलना चाहता है लेकिन शरीर उसका साथ नहीं दे पाता। गरुड़ पुराण (Garuda Purana) में बताया गया है कि इसी समय यमदूत आत्मा को लेने आते हैं। जिन लोगों ने जीवन में अच्छे कर्म किए होते हैं उन्हें सकारात्मक और दिव्य अनुभव होने की बात कही गई है। वहीं नकारात्मक कर्मों वाले लोगों को भय और पीड़ा का अनुभव होने का वर्णन मिलता है।

यमलोक की कठिन यात्रा

गरुड़ पुराण (Garuda Purana) में आत्मा की यमलोक यात्रा को कठिन बताया गया है। मान्यता के अनुसार, मृत्यु के बाद आत्मा को यमदूत यमलोक की ओर ले जाते हैं जहां उसके कर्मों का मूल्यांकन होता है। इस यात्रा के दौरान वैतरणी नदी सहित कई कठिन रास्तों का वर्णन मिलता है। कहा जाता है कि आत्मा को अपने कर्मों के अनुसार फल या दंड प्राप्त होता है। ये बातें धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। जिनका उद्देश्य मनुष्य को अच्छे कर्म करने की प्रेरणा देना है।

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गरुड़ पुराण किस पर आधारित है?

गरुड़ पुराण भगवान विष्णु और पक्षीराज गरुड़ के बीच हुए संवाद पर आधारित धार्मिक ग्रंथ है।

गरुड़ पुराण में मृत्यु से पहले दिव्य दृष्टि के बारे में क्या बताया गया है?

मान्यता के अनुसार, मृत्यु के अंतिम समय में व्यक्ति को अपने जीवन की घटनाओं और कर्मों का अनुभव होने लगता है।

मृत्यु के बाद आत्मा की यात्रा के बारे में क्या वर्णन मिलता है?

गरुड़ पुराण में बताया गया है कि आत्मा कर्मों के अनुसार आगे की यात्रा करती है और उसे अपने कर्मों का फल मिलता है।

यमलोक का वर्णन गरुड़ पुराण में कैसे किया गया है?

गरुड़ पुराण में यमलोक की यात्रा को कठिन बताया गया है, जहां आत्मा के कर्मों का मूल्यांकन होने की मान्यता है।