लोकतंत्र की मजबूती में स्थानीय स्वशासी संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका : राज्यपाल रमेन डेका

लोकतंत्र की मजबूती में स्थानीय स्वशासी संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका : राज्यपाल रमेन डेका

लोकतंत्र की मजबूती में स्थानीय स्वशासी संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका : राज्यपाल रमेन डेका
Modified Date: September 16, 2026 / 05:34 pm IST
Published Date: September 16, 2026 5:34 pm IST

रायपुर, 16 सितंबर (भाषा) छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने बुधवार को कहा कि लोकतंत्र की मजबूती में स्थानीय स्वशासी संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है और इनके चुनाव की प्रक्रिया में निरंतर सुधार तथा आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग आवश्यक है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि राज्यपाल डेका ने आज नवा रायपुर अटल नगर में 32वें अखिल भारतीय राज्य निर्वाचन आयुक्त सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन किया।

इस अवसर पर राज्यपाल ने ‘छत्तीसगढ़ लोकल बॉडी इलेक्शन इयर बुक–2026’ के प्रथम संस्करण का विमोचन भी किया। यह प्रकाशन छत्तीसगढ़ में स्थानीय निकाय निर्वाचन की प्रक्रिया, उपलब्धियों, नवाचारों और चुनावी व्यवस्थाओं का महत्वपूर्ण दस्तावेज है।

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने स्थानीय निकायों एवं त्रिस्तरीय पंचायतों की चुनाव प्रक्रिया को अधिक सशक्त, पारदर्शी, समावेशी और तकनीक-सक्षम बनाने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा, ”लोकतंत्र की मजबूती में स्थानीय स्वशासी संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है और इनके चुनाव की प्रक्रिया में निरंतर सुधार तथा आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग आवश्यक है।”

अधिकारियों ने बताया कि इस अवसर पर राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने स्वागत उद्बोधन दिया।

उन्होंने सम्मेलन में देशभर से आए राज्य निर्वाचन आयुक्तों, वरिष्ठ अधिकारियों एवं निर्वाचन विशेषज्ञों का स्वागत करते हुए सम्मेलन के उद्देश्यों और स्थानीय निकाय चुनाव को अधिक प्रभावी एवं आधुनिक बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला।

छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव विकास शील ने भी सम्मेलन को संबोधित किया और स्थानीय स्वशासन, चुनाव प्रक्रिया को प्रभावी बनाने तथा प्रशासन और निर्वाचन संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय के महत्व पर अपने विचार रखे।

अधिकारियों ने बताया कि सम्मेलन के प्रथम दिन डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग, चुनाव प्रबंधन में नवाचार, पारदर्शिता तथा स्थानीय निकाय चुनाव की प्रक्रियाओं को अधिक सुगम और प्रभावी बनाने से जुड़े विभिन्न विषयों पर परिचर्चा की शुरुआत हुई।

उन्होंने बताया कि दो दिवसीय यह सम्मेलन देश में स्थानीय लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाने, निर्वाचन व्यवस्थाओं में आधुनिक तकनीक के समावेश तथा विभिन्न राज्यों के अनुभवों और नवाचारों को साझा करने की दिशा में महत्वपूर्ण मंच के रूप में आयोजित किया जा रहा है।

भाषा संजीव राजकुमार

राजकुमार


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