धमतरी। National Pride March: जिले के कुरुद जीजमागांव में आज इतिहास, आस्था और राष्ट्र चेतना का अद्भुत संगम देखने को मिला। नासिक से उड़ीसा के जगन्नाथ पुरी तक आयोजित राष्ट्रीय गौरव यात्रा का पावन रथ छत्तीसगढ़ पहुँचा, जहां छत्रपति शिवाजी महाराज की गौरवगाथा के साथ भक्ति और राष्ट्रभक्ति का विराट वातावरण निर्मित हुआ।
14 फरवरी को नासिक से प्रारंभ हुई यह यात्रा जगन्नाथ पुरी में शिव जन्मोत्सव संपन्न करने के पश्चात वापसी मार्ग में छत्तीसगढ़ पहुँची। प्रातः बिरेझर चौकी के समीप रथ के पहुंचते ही श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर रहा। “जय भवानी, जय शिवाजी” के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
कुरुद स्थित माँ मातंगी दिव्य धाम में सायं 5 बजे से भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया गया। पारंपरिक पूजन, आरती और शोभायात्रा के साथ वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। श्रद्धालु देर रात 11 बजे तक कार्यक्रम में शामिल रहे और शिवाजी महाराज की वीरगाथा का श्रवण किया। यह आयोजन ‘छावा भारत क्रांति मिशन’ द्वारा किया गया। संस्था का उद्देश्य उन स्थानों पर शिवाजी महाराज की जयंती मनाना है, जहां अब तक यह परंपरा स्थापित नहीं हो सकी थी। पिछले 17 वर्षों में जयपुर, दिल्ली और उड़ीसा सहित कई स्थानों पर यह आयोजन किया जा चुका है। संस्था के पदाधिकारियों का कहना है कि शिवाजी महाराज की गौरवगाथा को जन-जन तक पहुंचाना ही उनका ध्येय है।
National Pride March: कार्यक्रम के दौरान संस्था ने छत्तीसगढ़ सरकार से अपील की कि शिवाजी महाराज की जीवनी और उनके शौर्य को प्रदेश के शैक्षणिक पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए। साथ ही केंद्र सरकार से शिवाजी जयंती को राष्ट्रीय गौरव दिवस घोषित करने की मांग भी की गई। माँ मातंगी धाम के पीठाधीश्वर डॉ. प्रेमा साईं महाराज ने कहा, “यदि आज दक्षिण से लेकर पूरे भारत में मंदिर सुरक्षित हैं, तो उसका श्रेय छत्रपति शिवाजी महाराज को जाता है। उन्होंने सनातन धर्म की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। नई पीढ़ी को उनके बलिदान और विचारों को समझना होगा।”