Kawasi Lakhma in Vidhan Sabha: कवासी लखमा को बजट सत्र के दौरान विधानसभा में उपस्थित रहने की मिली अनुमति, जेल से बाहर आने के बाद पहली बार आएंगे सदन में

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Kawasi Lakhma in Vidhan Sabha: कवासी लखमा को बजट सत्र के दौरान विधानसभा में उपस्थित रहने की मिली अनुमति, जेल से बाहर आने के बाद पहली बार आएंगे सदन में

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  • Publish Date - February 21, 2026 / 02:32 PM IST,
    Updated On - February 21, 2026 / 02:37 PM IST

Kawasi Lakhma in Vidhan Sabha: कवासी लखमा को बजट सत्र के दौरान विधानसभा में उपस्थित रहने की मिली अनुमति, जेल से बाहर आने के बाद पहली बार आएंगे सदन में /Image: IBC24 Customized

HIGHLIGHTS
  • कवासी लखमा को बजट सत्र में शामिल होने की अनुमति
  • कवासी लखमा मीडिया से बात नहीं कर सकेंगे
  • 24 फरवरी को दोपहर 12:30 बजे वित्त मंत्री ओपी चौधरी पेश करेंगे

रायपुर: Kawasi Lakhma in Vidhan Sabha छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का ऐलान हो गया है। जारी निर्देश के अनुसार बजट सत्र 23 फरवरी से 20 मार्च तक आयोजित किया जाएगा। वहीं, आज विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने बजट सत्र की रूपरेखा की जानकारी दी। विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि वित्त मंत्री ओपी चौधरी 24 फरवरी को दोपहर 12:30 बजे सदन में बजट पेश करेंगे। वहीं, बजट सत्र से जुड़ी एक और बड़ी खबर निकलकर सामने आई है। खबर है कि बजट सत्र में पूर्व आबकारी मंत्री और कोंटा विधायक कवासी लखमा भी मौजूद रहेंगे।

कवासी लखमा रहेंगे सदन में मौजूद

Kawasi Lakhma in Vidhan Sabha मिली जानकारी के अनुसार पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को बजट सत्र के दौरान सदन में उपस्थित रहने की अनुमति मिल गई है। बताया जा रहा हे कि उन्होंने 6 फरवरी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर बजट सत्र में सदन में मौजूद रहने की अनुमति मांगी थी, जिस पर विचार करते हुए विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने उन्हें अनुमति प्रदान कर दी है। बता दें कि कवासी लखमा की सदन में उपस्थिति को लेकर कोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष की अनुमति पर अंतिम फैसला छोड़ दिया था, जिसके बाद महाधिवक्ता से 7 फरवरी को राय मांगी गई। वहीं, अभिमत के अनुसार शर्तो के आधार पर अब वो बजट सत्र 2026-27 में सदन में मौजूद रहेंगे। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष ने कवासी लखमा को मीडिया से बात करने और मोबाइल जमा करने की शर्त पर ये अनुमति दी है।

24 फरवरी को पेश होगा बजट

इससे पहले स्पीकर रमन सिंह ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि बताया कि विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से 20 मार्च तक आयोजित किया जाएगा। सत्र की शुरुआत 23 फरवरी को सुबह 11:05 बजे राज्यपाल के अभिभाषण से होगी। वित्त मंत्री ओपी चौधरी 24 फरवरी को दोपहर 12:30 बजे सदन में बजट पेश करेंगे। 26 और 27 फरवरी को बजट पर विस्तृत चर्चा होगी। (Chhattisgarh Vidhan Sabha Budget 2026-27) इसके अलावा सरकार सत्र के दौरान धर्म स्वतंत्रता विधेयक भी पेश करेगी। सरकार द्वारा धर्मांतरण के खिलाफ बिल लाने की तैयारी की गई है, जिसे सदन में प्रस्तुत किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ से बाहर रह रहे कवासी लखमा

ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा शराब घोटाला मामले में लंबे समय से जेल में बंद थे। बीते दिनो हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी, जिसके बाद वो जेल से बाहर तो आ गए लेकिन उन्हें छत्तीसगढ़ से बाहर रहने का निर्देश दिया गया था। कोर्ट ने कवासी को अंतरिम जमानत देते हुए कहा था कि ”उन्हें राज्य से बाहर रहना होगा। लखमा सिर्फ पेशी के लिए छत्तीसगढ़ आ सकेंगे। उन्हें अपना पासपोर्ट जमा करना होगा और पता व मोबाइल नंबर पुलिस थाने में दर्ज कराना होगा।”

क्या है छत्तीसगढ़ शराब घोटाला ?

छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) कर रही है। ED ने इस मामले में एसीबी में FIR दर्ज कराई है, जिसमें करीब 3,200 करोड़ रुपए से अधिक के घोटाले का दावा किया गया है। FIR में राजनेताओं, आबकारी विभाग के अधिकारियों और कारोबारियों के नाम शामिल बताए गए हैं। ED के अनुसार, तत्कालीन भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में IAS अधिकारी अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के MD एपी त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के कथित सिंडिकेट के जरिए इस घोटाले को अंजाम दिया गया।

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कवासी लखमा को किन शर्तों पर सदन में आने की अनुमति मिली है?

विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें केवल सदन की कार्यवाही में भाग लेने की अनुमति दी है। वे मीडिया को इंटरव्यू नहीं दे सकेंगे और उन्हें सुरक्षा कारणों या कोर्ट के निर्देशों के पालन हेतु अपना मोबाइल फोन जमा करना होगा।

छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र कब से कब तक चलेगा?

बजट सत्र 23 फरवरी से 20 मार्च 2026 तक चलेगा। सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होगी।

क्या कवासी लखमा अब छत्तीसगढ़ में रह सकते हैं?

नहीं, हाईकोर्ट की जमानत शर्तों के अनुसार उन्हें राज्य से बाहर रहना अनिवार्य है। वे केवल कोर्ट की पेशी या अब विधानसभा सत्र जैसी विशेष अनुमति मिलने पर ही छत्तीसगढ़ आ सकेंगे।

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला क्या है?

ED के अनुसार, पूर्ववर्ती सरकार के दौरान अफसरों और नेताओं के एक 'सिंडिकेट' ने कथित तौर पर शराब की अवैध बिक्री और कमीशन के जरिए करीब 3,200 करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार किया।

इस बजट सत्र में कौन सा बड़ा कानून आने वाला है?

वित्त बजट के अलावा, सरकार 'धर्म स्वतंत्रता विधेयक' लाने की तैयारी में है, जिसका उद्देश्य राज्य में अवैध धर्मांतरण पर कड़ाई से रोक लगाना है।