Nazakat Ali in CG: छत्तीसगढ़ पहुंचे पहलगाम में हुए आतंकी हमले के चश्मदीद नज़ाकत अली, बताया कैसे आतंकियों ने किया था हमला, सुने आप भी

Nazakat Ali in CG | Photo Credit: IBC24

HIGHLIGHTS
  • नजाकत अली ने अपने भाई की मौत के बावजूद 11 सैलानियों की जान बचाई
  • आतंकी हमले के बाद कश्मीर में सैलानियों की संख्या और होटल/खाने के दाम प्रभावित हुए
  • नजाकत अली अब अंबिकापुर में कश्मीरी गर्म कपड़ों का व्यापार कर रहे हैं।

अंबिकापुर: जम्मूकश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के चश्मदीद नज़ाकत अली (Nazakat Ali in CG)इन दिनों अंबिकापुर पहुंचे हुए हैं। नज़ाकत ठंड के मौसम में बीते 11 सालों से अंबिकापुर आकर कश्मीरी गर्म कपड़ों का व्यापार करते है। जबकि कश्मीर में टूरिज्म का काम करते हैं। मीडिया से बातचीत के दौरान नज़ाकत अली ने बताया कि जिस दौरान पहलगाम में आतंकी हमला हुआ, उस दौरान वो मौके पर मौजूद थे। तभी घात लगाये आतंकियों ने अचानक शैलानियों पर हमला कर दिया।

Nazakat Ali in CG: 11 शैलानियों की बचाई थी जान

इस दौरान नज़ाकत अली के भाई सहित कई भारतीयों की मौत हो गई, जबकि नज़ाकत अपने जान की परवाह किये बगैर 11 शैलानियों की जान बचाने में सफल रहे। वहीं नज़ाकत बताते हैं कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले से पहले कश्मीर का माहौल कुछ औऱ था। सैलानियों की संख्या लगातार बढ़ रही थी। सालाना करोड़ों की संख्या में शैलानी कश्मीर घूमने पहुच रहे थे, लेकिन आतंकी हमले के बाद से कश्मीर की परिस्थितियां एकदम से बदल गई और शैलानियों की संख्या में भारी कमी आई है।

वहीं होटल्स औऱ खाने के दामों में भी भारी गिरावट हुई है। नजाकत अली का कहना है कि आतंकी हमने ने कश्मीर के व्यापार को पूरी तरह से तोड़ दिया है। वहीं अब कश्मीर और कश्मीरी को संभलने में वक्त लगेगा।

इन्हें भी पढ़े:-

पहलगाम आतंकी हमला कब हुआ था?

हमला हाल के वर्षों में हुआ था, जिसमें कई भारतीय नागरिकों की मौत हुई थी।

नजाकत अली ने कितनी जानें बचाईं?

नजाकत अली ने अपने जान की परवाह किए बिना 11 सैलानियों की जान बचाई।

हमले का कश्मीर पर्यटन पर क्या असर पड़ा?

आतंकी हमले के बाद कश्मीर में सैलानियों की संख्या में भारी गिरावट आई और होटल/खाने के दाम भी प्रभावित हुए।