रायपुरः CG News छत्तीसगढ़ में एक बार फिर से बिजली बिल को लेकर सियासत शुरू हो गई है, जिसकी नई शुरुआत बिहार से हुई है। बिहार में NDA ने अपने घोषणापत्र में वादा किया है कि अगर बिहार में सरकार बनी तो 125 यूनिट बिजली फ्री दी जाएगी। अब इस पर छग कांग्रेस ने सवाल पूछा कि एक तरफ छग में बीजेपी की सरकार बिजली बिल हाफ योजना बंद कर रही है और बिहार में चुनाव जीतने के लिए बिजली मुफ्त देने का वादा कर रही है तो बीजेपी ने जवाब दिया कि हर राज्य की परिस्थिति अलग होती है। आखिर इस मामले में सियासत कितनी है और असली सच्चाई कितनी है? समझते हैं खबर के जरिए
CG News बिहार विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में 125 यूनिट बिजली मुक्ति देने का वादा किया है। इसे लेकर छत्तीसगढ़ में भाजपा कांग्रेस नेताओं के बीच बयानबाजी शुरू हो गई है। दरअसल पिछले दिनों छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार ने बिजली बिल हाफ योजना यानी 400 यूनिट बिजली बिल हाफ पर ब्रेक लगा दी थी, जिसके बाद से लाखों उपभोक्ताओं को बढ़ा हुआ बिजली बिल मिल रहा है। इस पर बीजेपी का कहना है कि अब हम मुफ्त बिजली के लिए प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की ओर आगे बढ़ रहे हैं। इसे हर घर तक पहुंचाने के लिए सरकार सब्सिडी भी दे रही है, लेकिन बिहार में जैसे ही एनडीए ने 125 यूनिट बिजली मुफ्त का वादा किया तो छत्तीसगढ़ कांग्रेस सवाल खड़े करने लगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा छत्तीसगढ़ में BJP ने बिजली बिल हाफ को बंद कर दिया। बिहार में बिजली बिल हाफ करने की बात कर रही है। सत्ता पाने के लिए BJP कुछ भी कर सकती है।
आरोपों पर जवाब देते हुए बीजेपी ने कहा कि हर राज्य की परिस्थिति अलग-अलग होती है। परिस्थिति के हिसाब से संकल्प पत्र लाते है। बिहार में शराबबंदी है, लेकिन भूपेश बघेल ने वादा कर क्यों नहीं किया। एक तरफ NDA ने बिहार में 125 यूनिट बिजली मुफ्त देने का वादा किया तो छग में बिजली हाफ योजना की 400 यूनिट की लिमिट को कम करके 100 यूनिट कर दिया, जिससे छग के लोगों को बढ़े हुए बिजली बिल का झटका लग रहा है, लेकिन बीजेपी शासित 2 राज्यों में बिजली बिल को लेकर अलग-अलग रुख ने विपक्ष को सवाल पूछने का मौका दे दिया है।