राहुल गांधी का धरना अलोकतांत्रिक और राजनीतिक नाटक: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री

राहुल गांधी का धरना अलोकतांत्रिक और राजनीतिक नाटक: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री

राहुल गांधी का धरना अलोकतांत्रिक और राजनीतिक नाटक: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री
Modified Date: July 22, 2026 / 08:31 pm IST
Published Date: July 22, 2026 8:31 pm IST

रायपुर, 22 जुलाई (भाषा) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आवास के बाहर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के धरने को ‘लोकतांत्रिक मानदंडों के खिलाफ’ और ‘राजनीतिक नाटक’ करार दिया।

साय ने कहा कि विपक्ष के नेता का संवैधानिक पद संभालने वाले व्यक्ति से ऐसी हरकतें करने की उम्मीद नहीं की जाती।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं ने मंगलवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना दिया। वे कथित नीट पेपर लीक मामले को लेकर विरोध कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को लेकर मोदी के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।

पुलिस ने राहुल गांधी, पार्टी सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और विपक्ष के अन्य नेताओं को जबरदस्ती वहां से हटाया और बाद में हिरासत में ले लिया।

साय ने नीट पेपर लीक के मुद्दे पर कहा कि केंद्र सरकार ने गंभीरता से काम किया है और जिम्मेदार लोगों के ख़िलाफ सख्त कार्रवाई की है।

साय के बयान के अनुसार, ‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पेपर लीक को पाप बताया है और दोषियों के ख़िलाफ सख़्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।’

उन्होंने कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, परीक्षा पारदर्शी तरीके से दोबारा आयोजित की गई और नतीजे भी घोषित कर दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह इस मुद्दे का इस्तेमाल युवाओं को गुमराह करने और देश में अशांति फैलाने के लिए कर रही है।

उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुआ विरोध प्रदर्शन लोकतांत्रिक मानदंडों के अनुरूप गरिमापूर्ण नहीं था। देश की जनता ऐसी राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी। लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक मर्यादा का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए।’

भाषा राखी नरेश

नरेश


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