Raipur Latest News: अनिश्चितकालीन हड़ताल में बैठे 2 प्रदर्शनकारियों की मौत, एक की हालत नाजुक, धरनास्थल तूता में कर रहे थे प्रदर्शन

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Raipur Latest News: अनिश्चितकालीन हड़ताल में बैठे 2 प्रदर्शनकारियों की मौत, एक की हालत नाजुक, धरनास्थल तूता में कर रहे थे प्रदर्शन

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  • Publish Date - January 27, 2026 / 10:06 PM IST,
    Updated On - January 27, 2026 / 10:21 PM IST

Raipur Latest News

HIGHLIGHTS
  • दो महिला रसोइयों की मौत
  • एक की हालत नाजुक
  • 29 दिसंबर से जारी हड़ताल

रायपुर: Raipur Latest News छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थिति नवा रायपुर में मिड-डे मील योजना के अंतर्गत सरकारी स्कूलों में काम करने वाली रसोइयों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के दौरान दो सदस्यों की मौत हो गई। जबकि एक की हालत नाजुक बनी हुई है। जिसे अस्पातल में भर्ती कराया गया है। यह जानकारी रसोइया संघ के अध्यक्ष राम राज कश्यप ने दी है।

Raipur News रसोइया संघ के अध्यक्ष राम राज कश्यप ने बताया कि धरना स्थल तुता नया रायपुर मे बैठे प्रदर्शनकारियों में से दो महिला की मौत हो गई है। जिसमें दुलारी यादव शासकीय प्राथमिक शाला सलधा की रसोईया है, जिसे 25 जनवरी को अचानक तबीयत बिगड़ने से मेकाहरा में भर्ती कराया गया था। जहां आज 27 जनवरी दोपहर करीब तीन बजे उनकी मौत हो गई। वहीं दूसरा रसोई या रुक्मणी सिन्हा ग्राम कुसुम कसाव बालोद की है। बताया जा रहा है कि दोनों महिलाओं को सर्दी, खांसी, सिर दर्द और संक्रमण की शिकायत थी।

रसोइया संघ का आरोप है कि धरना स्थल में पीने के लिए साफ़ पानी नहीं है। नहाने के लिए दिनचर्या के लिए भी व्यवस्था नहीं है। जिसकी वजह से प्रदर्शनकारियों की तबीयत लगातार बिगड़ रही है। पर्याप्त शौचालय नहीं जो हैं। इसके अलावा ठंड और गर्मी से बचाव के लिए उचित छत, तंबू कंबल आदि की कमी है।

क्यों जारी है हड़ताल

आपको बता दें कि दैनिक मजदूरी बढ़ाने की मांग को लेकर रसोइया संघ लगातार धरना पर बैठे हुए हैं। वर्तमान में उन्हें सिर्फ 66 प्रतिदिन मिलते हैं जो कलेक्टर दर की मजदूरी से भी कम है। कम मानदेय की वजह से संघ कलेक्टर दर की मांग कर रहे हैं। यह हड़ताल 29 दिसंबर 2025 से शुरू हुई, जिससे राज्य के हजारों स्कूलों में मिड-डे मील सेवा प्रभावित हैं।

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रसोइयों की हड़ताल कब से जारी है?

यह हड़ताल 29 दिसंबर 2025 से जारी है।

रसोइयों की मुख्य मांग क्या है?

उनकी मांग है कि दैनिक मजदूरी को कलेक्टर दर के बराबर किया जाए।

वर्तमान में रसोइयों को कितना मानदेय मिलता है?

उन्हें केवल ₹66 प्रतिदिन मिलता है, जो कलेक्टर दर से कम है।